सोलर दीदी योजना से जुड़ने से पहले देवकी देवी के परिवार का मुश्किल से गुजारा होता था, लेकिन अब वह महीने के 20 से 25 हजार रुपये आसानी से कमा लेती हैं.
खेतों में हल चलाने और बीज बोने की परंपरा अब तकनीक के नए रंग में ढल रही है. बीते कुछ सालों में जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम का रुख बदला है. इससे न सिर्फ खेती की पैदावार पर असर पड़ा है, किसानों के लिए कीटों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. हालात जब सामान्य से अलग हुए, तो महाराष्ट्र के किसानों ने मदद के लिए AI का रुख किया.
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर साल छह हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है. हर चार-चार महीने में यानी तीन किस्तों में दो हजार रुपये किसानों के खाते में भेजे जाते हैं. इस बीच 19वीं किस्त 25 फरवरी 2023 को जारी कर दी गई है. इसके बाद भी अगर आपके खाते में 2 हजार रुपये नहीं पहुंचे हैं तो इन प्रकियाओं का पालन करें.
अगर आप भी उन्हीं किसानों में शामिल हैं, जिनके खाते में पीएम किसान योजना की किस्तें नहीं पहुंचती है तो इस स्कीम की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ये जरूर जांचना चाहिए कि आपके द्वारा दी गई जानकारियां सही है कि नहीं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी होना अनिवार्य है. अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है तो 19वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं.
ये मीटिंग चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में 14 फरवरी 2025 को किसानों और केंद्र सरकार के बीच होगी. बैठक चंडीगढ़ स्थित महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट में शाम साढ़े पांच बजे होगी.
नई सरसों के भाव में गिरावट इसलिए हुई है क्योंकि नई सरसों में नमी रहती है, जिसके चलते उससे तेल कम निकलता है. नमी की सरसों आने के चलते सरसों के भाव 4800 से 5300 प्रति क्विंटल है जबकि मंडी में प्रतिदिन केवल 200 कट्टे ही पहुंच रहे हैं.
लंबे समय तक सूखे के दौर ने शिमला के किसानों को भी चिंतित कर दिया है. सूखे के दौर से सेब की फसल के उत्पादन में कमी का खतरा मंडरा रहा है. पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश काफी कम हुई है.
इस साल समय से पहले तापमान बढ़ने लगा है. समय से पहले ठंड कम होने से फसलों को नुकसान पहुंचता है. आइए जानते हैं कि समय से पहले गर्मी आने से किन फसलों को नुकसान हो सकता है.
पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक कुल 18 किस्त जारी हो चुकी हैं और अब 19वीं किस्त जारी होनी है. आइये जानते हैं कब जारी होगी 19वीं किस्त.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार के मन में खोट दिखाई दे रहा है. अब 14 फरवरी को होने वाली बैठक को लेकर सस्पेंस है कि उसमें कृषि मंत्री होंगे या नहीं. उस दिन कृषि मंत्री चंडीगढ़ में किसानों के साथ बैठक करेंगे या फिर भोपाल में अपने बेटे की शादी में मौजूद रहेंगे.
करनाल के गांव खानपुर के रहने वाले पुष्पिंदर ने अपनी प्राचीन धरोहर को संभालते हुए एक नया आयाम स्थापित किया. पुष्पिंदर कोल्हू लगाकर अपने ही खेतों में विभिन्न प्रकार के तेल तैयार कर पूरे भारत समेत कई देशों में बेच रहे हैं.
अगर आप जानना चाहते हैं कि पीएम किसान योजना की अगली किस्त आपको मिलेगी या नहीं तो सबसे पहले पीएम किसान पोर्टल पर जाकर लाभार्थी सूची में अपना नाम देख सकते हैं. इसके लिए नीचे दी गई प्रकिया का पालन करें.
pmkisan.gov.in: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19 किस्त जल्द ही किसानों के खाते में आने वाली है. अगर आप उन किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना से सरकार की गाइडलाइन को फॉलो नहीं किया है तो आप किस्त से वंचित रह सकते हैं.
एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है. इस प्रणाली के प्रभाव से उत्तर राजस्थान में सबसे पहले बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू होंगी.
पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक कुल 18 किस्त जारी हो चुकी हैं और अब अगली बारी 19वीं किस्त की है. लोगों का कहना है कि ये किस्त 28 फरवरी को आ सकती है. आइये जानते हैं.
करनाल के रहने वाले जय भगवान ने रोजगार के लिए मछली पालन व्यवसाय को अपनाया. उन्होंने 2008 में अपने एक मित्र के साथ मिलकर इस उद्योग की शुरुआत की. धीरे धीरे उन्होंने करनाल के काछवा रोड के पास 15 एकड़ जमीन पर तालाब बनाए.
कब कौन सी सब्जी उगाई जाए, इसे लेकर अक्सर कंफ्यूजन रहता है. आज हम आपके इस कंफ्यूजन को दूर कर देते हैं और आपको बताते हैं कि कौन से मौसम में कौन सी सब्जी किचन गार्डन में सही रहेगी.
राजस्थान सरकार सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइज़ेशन (SMAM) योजना चला रही है, जिसमें किसानों को कुछ कृषि मशीनों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है.
अगर आप पीएम किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो आपके खाते में पैसे नहीं आएंगे. दरअसल, पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूर करना होगा.
अंजीर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. दरअसल, बिहार सरकार अंजीर की खेती को बढ़ावा देने के लिए 'अंजीर फल विकास योजना' के तहत बागवानी कार्यक्रम चला रही है. इस योजना के तहत किसानों को अंजीर की खेती करने के लिए बंपर सब्सिडी दी जाएगी.