scorecardresearch
 

Budget 2022: कृषि सेक्टर में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी सरकार, बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान

Agriculture budget 2022 : आगामी वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का ड्रोन के इस्तेमाल पर काफी फोकस रहने वाला है. कई वर्षों से आर्थिक तंगी और बदहाली में जिंदगी बिता रहे करोड़ों किसानों के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम करने वाली है.

Advertisement
X
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृषि सेक्टर में ड्रोन के इस्तेमाल पर फोकस
  • कीटनाशकों का ड्रोन से कर सकते हैं छिड़काव

Agriculture Budget, Drones Announcement: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में आम बजट पेश किया. उन्होंने कृषि, रेलवे समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई अहम ऐलान किए. आगामी वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का ड्रोन के इस्तेमाल पर काफी फोकस रहने वाला है. कई वर्षों से आर्थिक तंगी और बदहाली में जिंदगी बिता रहे करोड़ों किसानों के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम करने वाली है.

Advertisement

ड्रोन पर अहम घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ''फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.'' इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान और कृषि के हितधारकों की भागीदारी के साथ किसानों के लिए पीपीपी मोड में योजना शुरू की जाएगी. तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना लागू होगी. 

उन्होंने बताया कि जो किसान एग्रो-फॉरेस्ट्री को लेकर काम करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय मदद दी जाएगी. पॉलीसिलिकॉन के लिए उच्च दक्षता वाले मॉड्यूल के निर्माण के लिए पीएलआई के लिए 19,500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. सरकार सशस्त्र बलों में आत्मानिर्भर भारत के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं, गांवों में ऑप्टिकल फाइबर को बिछाने का काम साल 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा.

Advertisement

केन-बेतवा परियोजना की होगी शुरुआत
आम बजट में वित्त मंत्री ने बताया कि 44 हजार 605 करोड़ की अनुमानित लागत से केन बेतवा परियोजना को लागू किया जाएगा. इस योजना को देश के 9.8 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई उपलब्ध करवाना, 62 लाख लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति करना आदि है. इन परियोजनाओं के लिए अनुमान 2021-22 में 4300 करोड़ रुपये और 2022-23 1400 करोड़ रुपये का आंवटन किया गया है. किसानों के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए, राज्य सरकारों और एमएसएमई की भागीदारी के लिए व्यापक पैकेज पेश किया जाएगा.

 

Advertisement
Advertisement