छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के धान खरीदी केंद्र भस्करापाली में लगभग 18 लाख के 730 क्विंटल धान की बोगस (फर्जी) खरीदी का मामला सामने आया है. जिला प्रशासन की जांच टीम ने धान खरीदी केंद्र भस्करापाली में 730 क्विंटल धान कम पाया है. जांच टीम आने की सूचना मिलते ही धान खरीदी प्रभारी धान खरीदी केंद्र से नदारत हो गया. केंद्र में धान कम पाए जाने के मामले में अधिकारी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं.
पूरे छतीसगढ़ में धान खरीदी वर्ष 2022-23 के लिए 01 नवम्बर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की जा रही है. महासमुंद जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 169 धान खरीदी केंद्र बनाए गए थे, जहां धान की खरीदी की जा रही थी. जिले के कुछ धान खरीदी केन्द्रों में बिना लाए बोगस (फर्जी) खरीदी ऑनलाइन खरीदी में दिखाया गया जबकि भौतिक तौर पर धान खरीदा ही नहीं गया है. जैसे-जैसे जांच हो रही है, फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है.
महासमुंद जिले के धान खरीदी केंद्र भस्करापाली में धान खरीदी वर्ष 2022-23 में 31 जनवरी 2023 तक कुल 63492 क्विंटल धान खरीदी ऑनलाइन में दिखाया गया है. जब जिला प्रशासन की जांच टीम ने खरीदी केंद्र भस्करापाली में खरीदे गए धान की जांच की तो वहां 730 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी जा रही है. अधिकारी भी इसे (फर्जी) बोगस खरीदी मान रहे हैं, क्योंकि इस बार धान खरीदी के समय न ही बारिश हुई, न ही खरीदी गए धान के उठाव में देरी हुई.
इस बार प्रशासन ने उठाव की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखी थी. खरीदी हो रही थी और साथ साथ मिलरो के माध्यम से धान का उठाव भी होता गया. इस बार धान में सुखत या धान खराब होने जैसी स्थिति नहीं थी. जांच टीम की आने की भनक लगते ही फर्जीवाड़ा करने वाले भस्करापाली के धान खरीदी प्रभारी मौके से गायब हो गया.
इस मामले में महासमुंद जिले के खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि धान खरीदी केंद्र भस्करापाली में वहां 730 क्विंटल धान कम पाया गया, ये बोगस धान खरीदी की ओर इंगित करता है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.