किसानों के बीच शरीफा की खेती काफी लोकप्रिय है. देश के कई हिस्सों के किसान इसकी खेती कर बढ़िया पैसे कमा रहे हैं. ये एक औषधीय पौधा है. हार्ट संबंधी बीमारियों में डॉक्टर्स इसकी पत्तियों को खाने की सलाह देते हैं. कई अन्य तरह की बीमारियों में भी इस तरह के पौधे काफी फायदेमंद माने जाते हैं.
जानवर नहीं खाना करते हैं पसंद
औषधीय गुणों से भरपूर शरीफे के पौधे को जानवर खाना पसंद नहीं करते हैं. यही वजह है कि इसकी देखभाल में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती है. शरीफे के पौधे पर कीट भी नहीं लगते हैं. इसके बीजों का इस्तेमाल कीटनाशक से लेकर तेल और साबुन बनाने में काम आता है.
कई बीमारियों के लिए फायदेमंद
शरीफा की तासीर ठंडी होती है. इसमें कैल्शिम और फाइबर जैसे न्यूट्रिएंट्स की मात्रा अधिक होती है जो आर्थराइटिस और कब्ज जैसी हेल्थ प्रॉब्लम से बचाने में मदद करता है. साथ ही इसके पेड़ की छाल में टैनिन होता है जिसका इस्तेमाल दवाइयां बनाने में होता है. इस पेड़ के पत्तों से कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियों का इलाज किया जाता है.
इसकी खेती के लिए इस तरह की भूमि उपयुक्त
इसकी पत्तियां हार्ट हार्ट संबंधी बीमारियों से जुझ रहे लोगों को भी खाने को दी जाती है. साथ ही शरीफे के फल के छिलके को त्वचा संबंधी रोगों के इलाज में काम लाया जा सकता है.शरीफा के पौधों की खेती किसी भी प्रकार की भूमि पर की जा सकती है. इसके लिए भूमि का पी.एच.मान 5.5 से 6.5 के बीच अच्छा माना जाता है.
कितना है मुनाफा
शरीफा के पौधे खेत में लगाने के दो से तीन साल बाद फल देना शुरू कर देते हैं. इनके फलों की तुड़ाई पूर्ण रूप से पके होने और कठोर अवस्था में ही करें. इसके एक विकसित पौधे से 100 से ज्यादा फल प्राप्त होने लगते हैं. बाजार में ये फल 40 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बिकते हैं. इसके फल को फल आमतौर पर ताजा या जूस के रूप में सेवन किया जाता है. अगर आप एक एकड़ में शरीफे के 500 पौधे लगाते हैं तो ये आपको तकरीबन सालाना 5 से 7 लाख तक मुनाफा दे सकता है.