गुजरात के किसानों बिपरजॉय तूफान के चलते भारी नुकसान हुआ है. यहां चक्रवात अपने पीछे तबाही के कई निशान छोड़ गया है. इस चक्रवात से यहां के किसानों को काफी नुकसान हुआ है. खजूर की खेती के साथ-साथ आम के बगीचों को भी तूफान ने तहस-नहस कर दिया है. कच्छ के मशहूर केसर आम के बागान तो पूरी तरह चौपट हो गए. इससे किसानों पर रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो गया.
केसर आम की फसल बर्बाद
मुंद्रा क्षेत्र के किसान कांजी भाई केसर आम की खेती करते हैं. तेज हवाओं ने कांजी भाई की 90 फीसद आम की फसल को बर्बाद कर दिया है. 12 लाख रुपये से ज्यादा की उनकी फसल खराब हो गई है. खेतों में गिरी पड़ी उपज को उठाने के लिए मजदूरों को मजदूरी देने के लिए उनके पास पैसे नहीं है. इस साल सब चौपट हो गया. एक आंकड़े गुजरात के तटीय इलाके में दो लाख टन से अधिक केसर आम उगाए जाते हैं. ऐसे में इसकी खेती करने वाले किसानों की फसल बड़े पैमाने पर तूफान के चलते बर्बाद हुई है.
खजूर की खेती को भी हुआ नुकसान
चक्रवात बिपरजॉय के चलते कच्छ के 90 परसेंट खजूर के पेड़ों को भी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है खजूर के पेड़ के खराब होने से उनकी वर्षों की मेहनत खराब हो गई है. आगे के सालों में उन्हें इससे जो मुनाफा होता, उसकी भी उम्मीद खत्म हो गई है. मुंद्रा के ही रहने वाले गोपाल बताते हैं कि एक खजूर के पेड़ को बड़ा होने में दो दशक से भी ज्यादा समय लग जाता है. 20 साल पहले गोपाल के दादा-दादी ने खजूर के कई पौधे लगाए थे जो बड़ा होने के बाद चक्रवात की तेज हवा के कारण तहस-नहस हो गए. इससे उनकी रोजी-रोटी पर अगले कई सालों तक संकट पैदा हो गया है.
राजस्थान में चक्रवात बिपरजॉय का असर
बता दें चक्रवात बिपरजॉय गुजरात के बाद अब राजस्थान में कहर बरपा रहा है. यहां के सिरोही, जालौर और बाड़मेर जिले में तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश हो रही है. यहां के कस्बों और गांवों में बाढ़ जैसी है. इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. साथ ही किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है.