नए कृषि कानूनों को लेकर काफी समय बाद सरकार की ओर से कोई बयान आया है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कृषि कानूनों को वापस लेने की बात खारिज कर दी और कहा सरकार आंदोलन कर रहे किसानों के साथ फिर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है.
कृषि मंत्री का वीडियो
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को ट्विटर पर एक वीडियो में कहा कि ‘सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा किसानों के साथ बातचीत के लिए आधी रात को भी तैयार है. यदि कोइ किसान संगठन कानून के प्रावधानों पर बातचीत करना चाहता है तो हम उनका स्वागत करते है.’
भारत सरकार नए कृषि कानूनों से संबंधित प्रावधानों पर किसी भी किसान संगठन से और कभी भी बात करने को तैयार है...
— Narendra Singh Tomar (@nstomar) June 18, 2021
हम उनका स्वागत करते हैं... pic.twitter.com/gv1FF9zU8i
26 जनवरी के बाद से बंद है बातचीत
देश में 3 नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर किसान छह महीने से भी ज्यादा वक्त से आंदोलन कर रहे हैं. नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच 11 दौर की विफल वार्ता हो चुकी है. दोनों पक्षों के बीच इन कानूनों पर आखिरी बातचीत 22 जनवरी को हुई और 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के बाद से ये बंद है.
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
किसानों के साथ सरकार की वार्ता विफल रहने पर सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी थी. इसके बाद एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था जो समाधान तलाश सके.
इससे पहले कृषि मंत्री तोमर, खाद्य मंत्री पीयूष गोयल समेत तीन केंन्द्रीय मंत्रियों ने किसानों के साथ 11 दौर की वार्ता की थी. 10वें दौर की बातचीत के दौरान सरकार ने किसान संगठनों के सामने तीन कृषि कानूनों को 1 से डेढ़ साल तक लागू नहीं करने का प्रस्ताव भी दिया था. लेकिन किसान कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हैं.
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