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Flower Farming: युवा किसान ने किया कमाल, जरबेरा और ग्लेडियस फूल से कर रहा शानदार कमाई

Flower Farming profit: इन फूलों की यह खासियत है कि इसका पौधा एक बार लगाने के बाद सालों तक फूल देता है. पहली बार जब इसे लगाते हैं तो तैयार होने में तीन महीने का समय लगता है. उसके बाद फूल फूलना शुरू होता है. आप इसके पौधे से बार-बार फूल तोड़ सकते हैं.

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Gerbera and Gladius Flowers farming
Gerbera and Gladius Flowers farming
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डेकोरेशन के काम आते हैं जरबेरा और ग्लेडियस के फूल
  • इस फूल में पानी की खपत कम होती है

Gerbera and Gladius Flowers: देवघर जिला के मोहनपुर प्रखंड छेत्र के लुटियातरी गांव में युवा किसान सचिन जरबेरा और ग्लेडियस फूल की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. इनके फूलों की डिमांड न सिर्फ देवघर में हैं बल्कि अन्य जिलों में भी हो रही है. गोड्डा, हजारीबाग, साहिबगंज सहित अन्य जिलों में यहां से फूल भेजा जा रहा है. 

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इन फूलों की यह खासियत है कि इसका पौधा एक बार लगाने के बाद सालों तक फूल देता है. पहली बार जब इसे लगाते हैं तो तैयार होने में तीन महीना का समय लगता है. उसके बाद फूल फूलना शुरू होता है. आप इसके पौधे से बार-बार फूल तोड़ सकते हैं. हर बार बनाया फूल आ जाएगा. यह लागातार पांच सालों तक चलता रहता है. उसके बाद धीरे- धीरे फूल कम होता जाते हैं. 

सचिन को पहली बार युयाह फूल उद्यान विभाग के उद्यान मित्र सतीश यादव के द्वारा उपलब्ध करवाया गया. जिसके बाद सचिन ने जरबेरा और ग्लेडियस फूल की खेती करना शुरू की. इस फूल में पानी की खपत कम होती है. यह ऊपरी जमीन के लिए अधिक उपजाऊ होता है क्योंकि अधिक पानी जमने वाले जमीन में फूल खराब हो जाता है. 

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इस फूल की डिमांड ज्यादातर डेकोरेशन के लिए होती है. गुलदस्ता में इसका प्रयोग किया जाता है. सचिन पहले सिर्फ धान और गेहूं की खेती करते थे. लेकिन फूल की खेती से जुड़ने के बाद उनकी आय भी बढ़ने लगी और अगल-बगल के किसान भी इन से प्रेरित होकर फूल की खेती कर रहे है. 

सचिन का कहना है कि फूल की खेती करने में उद्यान विभाग और उद्यान मित्र का भी बहुत सहयोग रहा. उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग की और से अनुदान पर फूल के पौधे को उपलब्ध करवाया गया और समय समय पर ट्रेनिंग भी देते रहते हैं और अब अच्छे से खेती कर रहे हैं . 

(शैलेन्द्र मिश्रा की रिपोर्ट)

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