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मछली पालन से लेकर पशुओं के लिए एंबुलेंस तक...'किसान तक' समिट में बोले परषोत्तम रूपाला

इंडिया टु़डे ग्रुप का डिजिटल चैनल 'किसान तक' लॉन्च हो गया है. यह देश का पहला ऐसा डिजिटल मंच होगा, जहां से आप गांव और खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी पा सकेंगे. इस मौके पर किसान तक समिट का आयोजन किया गया है. इस समिट में खेती से जुड़े कई जरूरी विषयों पर चर्चा की गई.

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केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला
केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला

इंडिया टु़डे ग्रुप के डिजिटल चैनल 'किसान तक' का आज यानी 14 मार्च को नई दिल्ली में उद्घाटन किया गया. इसके लिए किसान तक समिट का आयोजन किया गया है. इस समिट में  केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने मत्स्य, पशुपालन और डेयरी से संबंधित विषयों पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि किसानों को आय बढ़ने के लिए खेती-किसानी के साथ साथ पशुपालन सहित अन्य काम करना होगा, तभी किसान सही मायने में आत्मनिर्भर हो सकेगा.

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केज फिश फार्मिंग तकनीक अपनाएं किसान

मछली पालन पर चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि छोटे किसान केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. सरकार किसानों को इससे जुड़ी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए जागरूक भी कर रही है. मीडिया भी इसमें सरकार की मदद कर सकता है. 

खेती-किसानी और पशुपालन में तकनीकों का फायदा

केन्द्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा किसानों का काम आसान करने के लिए नई-नई तकनीकें लाई जा रही हैं. यह तकनीक का ही कमाल है कि ठंडी जलवायु में पाई जाने वाली ट्राउट फिश के लिए अब हैदराबाद में भी उपयुक्त माहौल बनाकर इसका उत्पादन शुरू कर दिया गया है. देश में मछली पालकों के बीच झींगा पालन भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है. यह सब सरकार की नीतियों की वजह से संभव हुआ है

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पशुओं के लिए एंबुलेंस की शुरुआत

केन्द्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने बताया कि पशुपालन को अर्थव्यवस्था के लिए कापी महत्वपूर्ण बताया है. केंद्र पशुपालन सहित समग्र कृष‍ि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने का काम कर रही है. मोदी सरकार ने पशुधन के इलाज के लिए राज्यों को 4000 रुप मुहैया कराया है.इसके लिए एक खास नंबर 1962 जारी किया गया है. इस नंबर पर कॉल करके पशुपालक बीमार पशु के इलाज के लिए एंबुलेंस बुला सकते हैं.साथ ही पशुओें के लिए चिकित्सकों का अपॉइंटमेंट भी इसी नंबर के जरिए बुक किया जा सकता है.आगे चलकर पशुधन के कृत्रिम गर्भाधान यानी 'आर्टिफीश‍ियल इनसेमिनेशन' के मामलों को भी मोबाइल एंबुलेंस की इस सेवा से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है. 

पशुओं का वैक्सीनेशन युद्ध स्तर पर

साल 2022 में लंपी वायरस से देश में काफी ज्यादा दुधारू पशुओं की मौत हुई है. केन्द्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि पशुओं में फैल रहे संक्रामक रोगों को रोकने के लिए भी सरकार ने गंभीर रूप से देश में पशुधन के वैक्सीनेशन का मिशन शुरू कर दिया था. यह मिशन देश भर में राज्य सरकारों की मदद से चल रहा है. लंंपी वायरस के प्रकोप के समय सरकार ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम शुरू किया था. अब आईसीएआर ने लंपी वायरस की भी वैक्सीन तैयार कर ली है. इसके अंतिम दौर की प्रक्रिया चल रही है.

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चल रही हैं सब्सिडी अधारित कई योजनाएं 

केन्द्रीय मंत्री रूपाला के मुताबिक पशुपालन में सरकार की सब्सिडी आधारित कई योजनाएं चल रही हैं. इन योजनाओं के आवेदन के लिए अलग से पोर्टल बनाया गया है. इसके अलावा सरकार बकरी पालन और मुर्गी पालन पर भी जोर दे रही है. कई योजनाओं के माध्यम से इन व्यवसाय की शुरुआत करने वाले किसानों को बंपर सब्सिडी भी दी जा रही है. बाजार में उत्पाद को बेचने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने समूह में यानि एफपीओ के माध्यम से ये व्यवसाय करने को प्रोत्साहित करना शुरू किया है.

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