Papaya Farming: पपीता को 'करिका पपाया' भी कहा जाता है. इस फल का उच्च पोषक और औषधीय महत्व के कारण व्यावसायिक महत्व है. पपीते की खेती की शुरुआत दक्षिण मैक्सिको और कोस्टा रिका में हुई थी. दुनियाभर में छह मिलियन टन से जयादा पपीते का प्रोडक्शन किया जाता है. लगभग 30 लाख टन के वार्षिक प्रोडक्शन के साथ भारत पपीते के उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है. अन्य प्रमुख उत्पादक ब्राजील, मैक्सिको, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, चीन, पेरू, थाईलैंड और फिलीपींस हैं.
घरेलू उत्पादन का सिर्फ 0.08% एक्सपोर्ट किया जाता है, जबकि बाकी की खपत देश के भीतर की जाती है. पपीते के लिए दिल्ली और मुंबई दो प्रमुख मार्केट हैं. अन्य प्रमुख घरेलू मार्केट जयपुर, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद हैं. गुवाहाटी, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना, रायपुर, बड़ौत और जम्मू के बाजारों में आवक अच्छी खासी है. प्रमुख राज्यों में यह फल सालभर बाजार में आता है.
इस फल में विटामिन-ए और विटामिन-सी भरपूर मात्रा में मिलता है. इस फल को खाने के अलावा च्विंगम, कॉस्मेटिक्स, फार्मा इंडस्ट्री आदि के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. पपीता एक ट्रॉपिकल फल होने के कारण देश के सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में समुद्री स्तर से 1,000 मीटर ऊपर तक अच्छी तरह से बढ़ता है. खेती करते समय पाले, तेज हवाओं और पानी के ठहराव का काफी ध्यान रखना होता हे. पपीते की खेती के लिए गहरी, अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी आदर्श होती है.
कब करें पपीते की बुआई
अगर आप भी पपीते की खेती करना चाहते हैं तो फिर जुलाई से लेकर सितंबर महीने और फरवरी-मार्च महीने के बीच इसके बीज को बोने का काम कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके बीज हमेशा ऐसे पपीते के पेड़ से लेने चाहिए, जोकि स्वस्थ हों. पपीते की खेती करने के दौरान पानी, खाद का काफी ध्यान रखना चाहिए. मई-जून के मौसम में हर हफ्ते पपीते के पेड़ों की सिंचाई करनी चाहिए, जिससे पेड़ पर लगने वाले पपीतों का उत्पादन बेहतर हो सकेगा.
पपीते की खेती से करें लाखों की कमाई
पपीते की खेती करके आप लाखों रुपये की बहुत आसानी से कमाई कर सकते हैं. अगर पपीते के पेड़ की अच्छी तरह से देखभाल की जाए और समय-समय पर गुड़ाई करते रहें तो हर पेड़ से 50 किलो तक फल को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. मार्केट में इन फलों की बिक्री से लाखों रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है.