Good News For Chhattisgarh Farmers: एक ओर देश के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर शनिवार को किसानों को सौगात दी. छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की है. यह राशि किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, पशुपालकों एवं समूह से जुड़ी महिलाओं के खाते में डाले गए.
कितने लोगों को मिला योजना का लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार ने 26 लाख 68 हजार से अधिक किसानों के खाते में 1,804 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. ये राशि अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे किसानों के खाते में डाली गई है. राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में 1720 करोड़ रुपये डाले गए हैं. गोधन न्याय योजना के तहत सरकार ने गौठान समितियों और महिला-SHG को 11.14 करोड़, गोबर संग्राहकों को 2.17 करोड़ का भुगतान किया गया है. वहीं, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत कृषि मजदूरों के खाते में 71. 08 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं.
क्या बोले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल?
एक वर्चुअल कार्यक्रम में बोलते हुए छत्तीसगढ़ की सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में, छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई उपयोगी कदम उठाए हैं. इसमें राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, सुरजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क, समर्थन पर 65 प्रकार की लघु वनोपज की खरीद शामिल हैं. आगे उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य है जिसने न्याय योजना के तहत 'सभी के लिए आर्थिक और सामाजिक न्याय' सुनिश्चित किया है.
क्या है गोधन-न्याय योजना?
गोधन न्याय योजना के तहत पुशपालकों से सरकार गोबर खरीदती है, जिसका उन्हें भुगतान भी किया जाता है. छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि गोबर खरीदने से पशुधन के सरंक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा. सरकार का ये भी कहना है कि खेतों में पैरा जलाने पर रोक लगेगी, पर्यावरण प्रदूषण रुकेगा, वर्मी कम्पोस्ट खाद के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिलने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, खुले में चराई की प्रथा पर रोक लगेगी, जिससे फसलों की सुरक्षा होगी.