Heatwave Affecting Farmers: भारत के करीब 15 राज्य इस वक्त हीटवेव और भीषण गर्मी की चपेट में हैं. लू के थपेड़ो और खतरनाक गर्मी से राहत के लिए लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं. केवल इंसानों पर ही नहीं, फसलों पर भी गर्मी का असर दिख रहा है. बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की वजह से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं. इस बार समय से पहले गर्मी आ जाने की वजह से गेहूं की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ा है. पहले गर्मी के चलते गेहूं की पैदावार पर असर हुआ और अब हीटवेव ने गर्मी में उगाई जाने वाली फसलों को भी झुलसा दिया है.
यूपी, हरियाणा और पंजाब के किसान मायूस
यूपी, हरियाणा और पंजाब में इसका ज्यादा असर देखने को मिला. गर्मी में उगाई जाने वाली फसलें जैसे मूंग और उड़द भी इसकी चपेट में आ गई हैं. गर्मी का असर मौसमी सब्जियों पर भी देखने को मिल रहा है. गर्मी से बर्बाद होती फसलों को देख कर किसान परेशान हैं. बीकानेर के एक किसान का कहना है कि इस बार गर्मी इतनी भयंकर है कि किसान खेत में खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं. गर्मी की वजह से पशुओं को भी दिक्कत हो रही है. वहीं, बनारस के एक किसान का कहना है कि गर्मी की वजह से फसलें नहीं हो पा रही हैं, धूप से हरी सब्जियां जली जा रही हैं.
अभी लू बढ़ाएगी मुसीबत
कोलोराडो विश्विद्यालय के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया है कि आने वाले वक्त में लू की समस्या और बढ़ेगी. शोधकर्ताओं के अनुसार पहले जितना अनुमान लगाया गया था उसकी तुलना में हीटवेव दुनियाभर की फसलों को 10 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.
क्या है मौसम वैज्ञानिक का कहना?
मौसम वैज्ञानिक चरणजीत सिंह ने कहा कि गर्मी का असर हर सेक्टर में पड़ता है. गर्मी की वजह से फसलों को ज्यादा पानी देना पड़ता है. अगर फसलों को सही से पानी नहीं मिले तो उत्पादन में कमी आ जाती है. एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि मार्च में गर्मी पड़ने से खेती के कुल उत्पादन में 5 से 6 प्रतिशत तक इसका असर पड़ा है.