साल 2024 में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है. हालांकि, इस बीच सरकार ने 2024-2025 रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं खरीद का टारगेट पिछले सीजन में गेहूं खरीद के टारगेट से घटा दिया है. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, साल 2024-25 में रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य तीन से 3.2 करोड़ टन तय किया है. कृषि मंत्रालय ने इस फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) में 11.4-11.5 करोड़ टन के रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की उम्मीद जताई है. इसके बावजूद सरकार द्वारा खरीद का लक्ष्य कम रखा गया है. साल 2022 में सरकार ने 4.4 करोड़ टन और साल 2023 में लगभग साढ़े तीन करोड़ टन खरीद का लक्ष्य तय किया था.
बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय खाद्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यों के खाद्य सचिवों की बैठक हुई थी. इसी बैठक में विचार-विमर्श के बाद गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि विचार-विमर्श के बाद आगामी रबी मार्केटिंग सीजन 2024-25 के दौरान गेहूं की खरीद का अनुमान तीन से 3.2 करोड़ टन का तय किया गया है. गेहूं के अलावा, मंत्रालय ने चावल के मामले में रबी धान खरीद का लक्ष्य 90 लाख से एक करोड़ टन तय किया है. सरकार ने रबी मोटे अनाज/बाजरा (श्रीअन्न) के लिए 6,00,000 टन का खरीद लक्ष्य भी निर्धारित किया है.
पिछले साल कितनी थी गेहूं की खरीद?
बैठक में केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से फसलों के विविधीकरण और आहार में पोषण बढ़ाने के लिए बाजरा की खरीद पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है. सरकार ने 2023-24 के सत्र में 3.41 करोड़ टन के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 2.62 करोड़ टन गेहूं की खरीद की थी. 2022-23 में गेहूं की खरीद 4.44 करोड़ टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1.88 करोड़ टन थी. उत्पादन में गिरावट के कारण खरीद कम रही थी.
आमतौर पर गेहूं की खरीद अप्रैल से मार्च तक की जाती है. हालांकि, इस साल केंद्र ने बाजार में फसल की आवक के हिसाब से राज्यों को गेहूं खरीद की अनुमति दी है. ज्यादातर राज्यों में गेहूं की आवक मार्च के पहले पखवाड़े में शुरू हो जाती है. उत्तर प्रदेश में आज यानी 01 मार्च से खरीद शुरू हो गई है. सरकार सार्वजनिक वितरण को केंद्रीय पूल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं और धान की खरीद करती है.