
पंजाब के बठिंडा में भारी बारिश के कारण नरमा और कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है. दरअसल, मॉनसून की बारिश के समय कपास की फसल (Cotton Crop) में जल प्रबंधन बहुत जरूरी है, वरना फसल खराब हो जाती है. बठिंडा में भारी बारिश के कारण कपास की फसल (Cotton Crop) में जहां भी पानी रुका और फिर धूप लगी तो फसल बर्बाद हो गई है. जिसकी वजह से बठिंडा में कई किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
जानकारी के मुताबिक कपास के जिन खेतों से बरसात का पानी नहीं निकल पाता और ऊपर से धूप निकल जाती है तो नरमा कपास की फसल तुरंत सूख जाती है. क्योंकि, कपास की खेती को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है.
पंजाब में मालवा कपास की फसल के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. लेकिन बरसात के पानी से नुकसान के बाद अब चिंटी और सुंडी जैसे कीटों का हमला फसल को बर्बाद और कपास उत्पादक किसानों को परेशान कर रहा है. वहीं, खेतीबाड़ी अधिकारी इसे मामूली हमला करार दे रहे हैं.
उनका कहा है कि अभी हमला पूरी तरह से कंट्रोल में है. अगर कहीं ज्यादा दिखाई दे तो किसान खेतीबाड़ी अधिकारियों से संपर्क करें. बता दें कि कपास की फसल के लिए बारिश के बाद पानी की निकासी जरूर करनी चाहिए.