
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में किसानों पर मौसम की मार पड़ी है. पहले अल्प वर्षा ने किसानों की फसलों को खराब किया तो बीते दिनों तवा और बरगी डैम के गेट खुलने के साथ ही तेज बारिश से नर्मदा नदी में आई बाढ़ ने फसलों पर जमकर कहर बरपाया. नर्मदा में आई बाढ़ से नर्मदा किनारे बसे कई गांवों में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं. फसलें खराब होने से किसान चिंतित और परेशान हैं और मुआवजे की मांग कर रहे हैं. वहीं, प्रशासन की मानें तो 210 हैक्टेयर में फसलें खराब हुई हैं.
जिले में पहले अल्प वर्षा ने किसानों की फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया तो बाद में अत्यधिक बारिश ने जमकर कहर बरपाया. बीते दिनों आसपास के जिलों में अत्यधिक बारिश होने के चलते तवा और बरगी डैम के गेट खोले गए, जिसके चलते सीहोर जिले की नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया. साथ ही लगातार हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी अपने उफान पर आ गई और बाढ़ में तब्दील हो गई.

जिससे जिले के भेरूंदा क्षेत्र अंतर्गत नर्मदा किनारे बसे गांव और खेतों में नर्मदा नदी की पानी घुस गया और फसलें बर्बाद हो गई, फसलें खराब होने से किसान चिंतित और परेशान हैं. किसानों ने भेरूंदा तहसील और कलेक्ट्रेट में मुजावजा दिए जानें की गुहार लगाई है.
210 हैक्टेयर में फसलें बर्बाद
बताया गया है कि बीते दिनों जिले की नर्मदा नदी में आई बाढ़ के चलते नर्मदा किनारे बसे ग्रामों और खेतों में बारिश का पानी घुसने से 210 हैक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं. जिसको लेकर प्रशासनिक अमल ने कृषि विभाग के साथ सर्वे किया तो जानकारी सामने आई. एसडीएम ने बताया कि बीते दिनों नर्मदा नदी में बाढ़ आने से खेतों में पानी घुस गया था जिसमें सर्वे कराया तो 210 हैक्टेयर में फैसले खराब हुई है.

मामले में जानकारी देते हुए भेरुंदा एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने मीडिया को बताया कि विगत दिनों नर्मदा नदी में बाढ़ आने से कुछ गांव की फसलों में पानी भर गया था. कृषि विभाग के माध्यम से सर्वे कराया है. करीब 210 हेक्टेयर में क्षति बताई है. मुआवजे के लिए शासन के निर्देश अनुसार जो उचित होगा किया जाएगा.