भारत एक कृषि प्रधान देश है. यहां एक बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है. वहीं, सरकार की तरफ से किसानों को लाभ और हर तरह की मदद के लिए कई केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से योजनाएं चलाई जा रही हैं. ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी आसानी से खेती करके अपना परिवार चला सके. इसी क्रम में योगी सरकार कृषि यंत्रीकरण की समस्त योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्र- कृषि रक्षा उपकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर, हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, थ्रेसिंग फ्लोर और स्मॉल गोदाम पर अनुदान प्राप्त करने का अवसर किसानों को उपलब्ध करा रही है. आइए जानते हैं कैसे ले सकते हैं लाभ.
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए बुकिंग 9 अक्टूबर से शुरू हो गई है, जो 23 अक्टूबर तक चलेगी. विभागीय पोर्टल पर लक्ष्य से अधिक आवेदन आने पर डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के समक्ष विभागीय पोर्टल पर ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थी चुने जाएंगे.
कैसे करना होगा आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको www.agriculture.up.gov.in पर जाना होगा. यहां जाकर 'यंत्र पर अनुदान हेतु बुकिंग करें' लिंक पर क्लिक करें. 10 हजार तक अनुदान वाले सभी कृषि यंत्रों-कृषि रक्षा उपकरणों के लिए आवेदक कृषि विभाग के पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप अपने मोबाइल से भी घर बैठे आवेदन कर सकते हैं. आपको एक बात का ध्यान रखना है कि कृषि बिल आपको बुकिंग डेट से 10 दिन के अंदर ही अपलोड करना होगा. अगर आप 10 दिन के अंदर बिल अपलोड नहीं करते हैं तो आपकी बुकिंग रिजेक्ट हो जाएगी.
2500 रुपये देनी होगी बुकिंग धनराशि
अगर आप 10 हजार से लेकर एक लाख तक आर्थिक सहायता के लिए कृषि यंत्रों के लिए बुकिंग करते हैं तो आपको 2500 रुपये बुकिंग अमाउंट जमा करना होगा, जबकि एक लाख से अधिक अनुदान के कृषि यंत्रों के लिए यह राशि 5 हजार जमा करनी होगी. बुकिंग के समय ही किसानों को बुकिंग अमाउंट देना होगा. अगर आपका सेलेक्शन लॉटरी के माध्यम से नहीं होता है तो आपको बुकिंग अमाउंट वापस कर दिया जाएगा.
ई-लॉटरी की व्यवस्था
इच्छुक लाभार्थियों/कृषकों द्वारा निर्धारित समयावधि में विभागीय पोर्टल पर लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की दशा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के रामा विभागीय पोर्टल पर ई-लॉटरी के माध्यम से ब्लॉकवार लक्ष्यों के सापेक्ष लाभार्थी का चयन किया जाएगा.
ई-लॉटरी हेतु स्थल तिथि एवं समय की जानकारी आवेदकों को संबंधित जनपदीय उप कृषि निदेशक द्वारा स्थानीय समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों के द्वारा अनिवार्य रूप से दी जाएगी.
किसान इन बातों का रखें ध्यान