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MP: अफ्रीकन स्वाइन फीवर का तेजी से बढ़ा प्रकोप, 12 दिन में 2 हजार सूअरों की मौत

एक सूअर दूसरे को संक्रमित करता है. लिहाजा संक्रमित सूअरों को वैज्ञानिक विधि से मारना कर संक्रमण को मरना ही एकमात्र उपाय है. कलेक्टर ने कहा यदि संक्रमित सूअरों को मारा नहीं गया तो शेष बचे सूअर में भी इसका प्रकोप होगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का प्रकोप कहर बनकर टूट रहा है. अकेले शहर में 2 सप्ताह के अंदर 2 हजार से अधिक सूअरों की मौत हो चुकी है. महामारी को लेकर सूअर पालकों और चिकत्सकों में हड़कंप मचा हुआ है. कलेक्टर मनोज पुष्प ने जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का सूअरों में संक्रमण रोकने के लिए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए हैं. तत्काल सर्वे शुरू कर संक्रमित सुअरों की पहचान की जा रही है. हालांकि यह बीमारी सूअर से दूसरे पशुओं पर नहीं फैलती है.

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एक सूअर दूसरे को संक्रमित करता है. लिहाजा संक्रमित सूअरों को वैज्ञानिक विधि से मारना कर संक्रमण को मरना ही एकमात्र उपाय है. कलेक्टर ने कहा यदि संक्रमित सूअरों को मारा नहीं गया तो शेष बचे सूअर में भी इसका प्रकोप होगा. सूअरों में स्वाइन फीवर का संक्रमण रोकने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. 

सूअरों की खरीद, बिक्री, मांस खाने और एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया. यह आदेश प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ इन्फेक्शियस एण्ड कॉन्टेजियस एनीमल डिजीज एक्ट 2009 के तहत जारी किया है. आदेश के अनुसार रीवा नगर निगम क्षेत्र में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर रोग की पुष्टि राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल द्वारा की गई है. जिले के प्रमुख मार्गों में जांच नाके लगाकर सूअरों का जिले में प्रवेश प्रतिबंधित सुनिश्चित किया गया है. 

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नगर निगम के अधिकारी मृत सूअरों के सुरक्षित नष्ट करने के प्रबंध कर रहे है. उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर का प्रकोप केवल सूअरों में हुआ है. शहर में 25 हजार से अधिक सूअर हैं. इसमें सबसे अधिक वार्ड 15 की बंसल बस्ती में संक्रमित हैं. इस बस्ती को रेड जोन बनाकर 1 किलोमीटर के दायरे में सभी सूअरों की जांच की जा रही है और स्वस्थ सूअरों को रोग से बचाव के लिए वैक्सीन के टीके लगाए जा रहे हैं.

अफ्रीकन स्वाइन फीवर से संक्रमित हुए सूअर को तेज बुखार, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण दिखाई देते हैं. अब इन सभी सूअरों को अन्य सूअर से अलग कर वैज्ञानिक विधि से इंजेक्शन लगाकर मारा जाएगा. यदि संक्रमित सुअरों को नष्ट नहीं किया गया तो सभी सूअर इसके शिकार हो जाएंगे. नगर निगम वार्ड 15 में सूअर पालकों के आश्रय स्थलों को एपी सेंटर घोषित कर 1 किमी  की परिधि को संक्रमण प्रभावित जोन घोषित किया है. साथ ही इस क्षेत्र से 9 किमी के एरिया को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों के अलावा जिले के अन्य क्षेत्र फ्री जोन रहेंगे. प्रिवेंशन एण्ड कंट्रोल ऑफ इंफेक्शन एण्ड कंटेजियस डिसीज इन एनिमल एक्ट 2009 के प्रावधानों के तहत अफ्रीकन स्वाइन फीवर को रोकने के लिए इन्फेक्टेड जोन में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेंगे.

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मनोज पुष्प (कलेक्टर-रीवा) ने बताया कि सूअरों में स्वाइन फीवर का संक्रमण रोकने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. सूअरों की खरीद, बिक्री, मांस खाने और एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया.

 

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