प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश को डिजिटल बनाने के सपने Digital India को शुरू हुए छह साल पूरे हो गए. इस प्रोग्राम ने ना सिर्फ ज्यादा से ज्यादा सरकारी कामकाज को डिजिटल किया, बल्कि कोरोना की मौजूदा चुनौतियों के समय हमारे जीवन को भी सरल बनाया. इंटरनेट की इसी ताकत को देश के हर गांव तक पहुंचाने के लिए सरकार BharatNet Project चला रही है. जानिए क्या खास है इस प्रोजेक्ट में और क्यों है ये चर्चा में..
देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2017 में BharatNet Project को शुरू किया गया था. शुरुआत में इस प्रोजेक्ट का मकसद देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक कम से कम 100 mbps की स्पीड वाला इंटरनेट पहुंचाना था. लेकिन हाल में इसका विस्तार 16 राज्यों में ग्राम पंचायत से अलग आबादी वाले सभी गांवों तक कर दिया. (Photo : Getty)
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश राज्यों में इस परियोजना का विस्तार कर दिया. अब इन राज्यों में ग्राम पंचायतों समेत कुल 3.61 लाख गांव तक इंटरेट कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. इस काम में राज्यों की भागीदारी भी रहेगी.
कुल 3.61 लाख गांव तक BharatNet Project का लाभ पहुंचाने के लिए केन्द्रीय कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बुधवार की बैठक में 19,041 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खुद इसकी जानकारी दी. सरकार की इसी फैसले के बाद से ये प्रोजेक्ट चर्चा में बना हुआ है. लेकिन ये प्रोजेक्ट गांव की तस्वीर कैसे बदलेगा .(Photo : Getty)
सरकार का अनुमान है कि गांव तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने से कई तरह के अवसर पैदा होंगे. इससे ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी. वहीं सरकार से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, योजनाओं और लाभों का तेजी से क्रियान्वयन हो पाएगा. वहीं इंटरनेट से गांव में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. इसे परियोजना को कई चरण में पूरा किया जाना है
सभी ग्राम पंचायतों तक 100 mbps की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने वाली इस परियोजना का पहला चरण 8 जनवरी 2018 में पूरा कर लिया गया. तब तक कुल 1 लाख ग्राम पंचायतों को नेट कनेक्टिविटी से जोड़ दिया गया. इसके अंतिम चरण को 2023 तक पूरा किया जाना है.
BharatNet Project को अगर दुनिया का सबसे बड़ा ब्रॉडबैंक प्रोजेक्ट कहा जाए तो ये गलत नहीं होगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद गांव में शहरों जैसी सुविधाएं पहुंचाना तो आसान होगा ही. साथ ही ये डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को पूरा करने में भी मदद करेगा. ये परियोजना पूरी तरह से मेक इन इंडिया परियोजना है. इसके लिए किसी भी विदेशी कंपनी की मदद नहीं ली गई है.