देश में किसानों ने पिछले कुछ समय से मुनाफा पहुंचाने वाली फसलों की खेती की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है. पपीता भी उन्हीं फसलों में शामिल है. बिहार सरकार बागवानी के क्षेत्र में पपीता की खेती में अच्छी संभावना को देखते हुए अपने किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इसके तहत किसानों को पपीते के बाग लगाने के लिए सरकार बंपर सब्सिडी दे रही है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी
बिहार सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पपीता की खेती के लिए किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है. राज्य सरकार ने पपीता की खेती के लिए इकाई लागत 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की है. इस पर किसानों को 75 फीसदी यानी 45,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी. पपीता की किसानों को एक हेक्टेयर में पपीता की खेती के लिए सिर्फ 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे.
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत
पपीता की खेती करने के लिए मिलेगा प्रति इकाई लागत (₹ 60,000 / हेक्टेयर ) का 75% अनुदान | योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाइन https://t.co/LtEu7qEQA9 पर आवेदन कर सकते है। @KumarSarvjeet6@SAgarwal_IAS@dralokghosh @Agribih @abhitwittt pic.twitter.com/OCdYBrlCsn— Directorate Of Horticulture, Deptt of Agri, Bihar (@HorticultureBih) July 26, 2023
यहां आवेदन करें किसान
अगर आप बिहार के किसान हैं और पपीते की खेती के लिए इच्छुक हैं तो एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पपीते की खेती पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in के लिंक पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं. इस योजना के बारे में अन्य जानकारियों के लिए किसान नजदीकी उद्यान विभाग में संपर्क कर सकते हैं.
किसानों के लिए फायदेमंद है पपीते की खेती
पपीते में अत्यधिक मात्रा में विटामिन ए होता है, इसके अलावा विटामिन सी भी पाया जाता है. वहीं पपीते में अधिकांश मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन आदि भी पाया जाता है. कई अन्य रोगों में ये फायदेमंद भी है. ऐसे में पपीते की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.