कोरोना काल का संकट और मॉनसून की तबाह कर देने वाली बारिश के बीच कर्नाटक सरकार ने किसानों के हक में बड़ा कदम उठाया है. कर्नाटक सरकार ने किसानों को खेती के लिए 12.6 करोड़ रुपए की मुफ्त मिनी किट बांटी है. इस किट में अलग-अलग फसल के लिए बीच शामिल हैं. कर्नाटक के कृषि मंत्री बी सी पाटिल ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी.
कृषि मंत्री बी सी पाटिल ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत प्रदेश के 19 प्रमुख उत्पादक जिलों में किसानों के बीच बुवाई के लिए 12.6 करोड़ रुपए की मुफ्त मिनी किट वितिरित की गई है, जिसमें अलग अलग फसलों के बीज हैं. संवाददाताओं से बातचीत में पाटिल ने कहा कि एनएफएसएम योजना (NFSM scheme) के तहत किसानों को अरहर, मूंगफली और सोयाबीन के बीज दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को विभिन्न फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित करना है. पाटिल ने कहा कि वर्ष 2020-21 में 153.08 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न का उत्पादन किया गया जो देश के राष्ट्रीय औसत से 2 फीसदी अधिक है, जबकि कर्नाटक में यह राज्य औसत की अपेक्षा 10 प्रतिशत अधिक है.
उन्होंने कहा कि खाद्यान्न का यह उत्पादन कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन एवं कमजोर हुई अर्थव्यवस्था के बावजूद हुआ और इसका सारा श्रेय किसानों को जाता है. इस साल, मॉनसून के दौरान 77 लाख हेक्टेयर रकबा में खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, इनमें से 11.73 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है.
प्रदेश में बुवाई के लिए 6 लाख क्विंटल बीज की मांग है और राज्य के पास 7.74 लाख टन बीज उपलब्ध है. अप्रैल से जून के बीच उर्वरक की कुल मांग 12.78 लाख मीट्रिक टन थी जबकि 8.02 लाख मीट्रिक टन की अपूर्ति की गई थी.