Subsidy on Agricultural Machinery: खेती-किसानी में कृषि मशीनों के आने से किसानों की दिक्कतें काफी हद तक कम हुई हैं. हालांकि, इन यंत्रों की कीमतें अधिक होने के चलते, ज्यादातर किसानों तक इनकी पहुंच नहीं है. वह इन यंत्रों का उपयोग किराए पर लेकर करते हुए नजर आते हैं, जिससे उनकी लागत में इजाफा होता है. इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई कृषि मशीनों पर सब्सिडी देती हैं.
इन यंत्रों पर मिल रही है सब्सिडी
खरीफ फसलों की बुवाई का समय आ चुका है. ऐसे में हरियाणा सरकार अपने यहां के किसानों को सस्ते कीमत पर कृषि मशीन खरीदने का मौका दे रही है. हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग किसानों को सब्सिडी पर बीटी कॉटन सीड ड्रिल, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्वचालित रीपर-कम-बाइंडर, ट्रैक्टर चालित स्प्रे पंप, डीएसआर, पावर टिलर, ट्रैक्टर चालित रोटरी विडर, ब्रीकेट मेकिंग मशीन, मेज व मल्टीक्रॉप प्लांटर, मेज व मल्टीक्रॉप थ्रेशर तथा न्यूमैटिक प्लांटर पर 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है.
आवेदन करते समय किसानों को 2.5 लाख रुपये से कम अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए 2500 रुपये तथा 2.50 लाख या इससे अधिक रुपये के कृषि यंत्रों पर 5 हजार रुपये आवेदन करते समय टोकन मनी के रूप में जमा करवाने होंगे. इच्छुक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर 9 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है.
कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी
किसानों के अलावा सरकार इस योजना के अंतर्गत सीमांत किसानों को मामूली किराये पर महंगी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए 80 प्रतिशत की दर से सब्सिडी प्रदान दे रही है. इस योजना के माध्यम से सरकार खेती-किसानी में किसानों की समय की बचत करने और उनकी आय दोगुनी करने पर काम करने की कोशिश कर रही है.
बता दें कि हरियाणा की तरह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भी कुछ इसी तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार की SMAM योजना के तहत भी किसान सब्सिडी पर कृषि यंत्र घर ला सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए किसान हरियाणा सरकार की कृषि विभाग की वेबसाइट भी विजिट कर सकते हैं.
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