Haryana Government Scheme For Farmers: हरियाणा में लगातार बढ़ते हुए धान के क्षेत्र से प्रत्येक वर्ष लगभग 1.0 मीटर भू-जल स्तर में गिरावट आ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि धान की खेती सबसे ज्यादा पानी का दोहन मांगती है. ऐसे में राज्य सरकार (Haryana Government) की तरफ से वैकल्पिक फसल के रूप में 1.00 लाख हैक्टेयर भूमि में मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, बागवानी की फसलों और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना (Mera Pani Meri Virasat) की शुरुआत की गई है.
मेरा पानी मेरी विरासत योजना ((Mera Pani Meri Virasat) के तहत राज्य सरकार ने मक्का, कपास, खरीफ तिलहन, खरीफ दालें, चारा वाली फसलों (Crops) एवं बागवानी की फसल लगाने पर 7000 रुपये प्रति एकड़ देने का ऐलान किया है. बस शर्त ये है कि पिछले वर्ष किसान ने धान की खेती कर रखी हो. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान 15 जुलाई तक मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat) के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं.
इस योजना को लाने के पीछे पानी का अति-दोहन मूल वजह
1.अधिक पानी की मांग वाले धान-गेहूं के फसल चक्र की निंरतर खेती.
2.वर्षिक बारिश से होने वाले पुनर्भरण से अधिक भू-जल का दोहन.
3.धान और गेहूं की फसलों में सिंचाई विधि से पानी का अधिक प्रयोग.
4.‘योजना का उददेशय प्रकृति, मिट्टी और पानी का संरक्षण करना तथा टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है.
योजना का उद्देश्य:
1. हरियाणा में अधिक पानी की मांग वाली फसलों के क्षेत्र को कम करना.
2.स्थायी खेती के लिए वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना तथा नवीनतम तकनीकों की प्रेरणा देना.
3.संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना.
4.भू-जल स्तर को बनाए रखना.
5.धान-गेहूं चक्र के कुप्रभाव से मृदा स्वास्थ्य को बचाना तथा सुक्ष्म तत्वों का सन्तुलन मिट्टी में बनाए रखना.
6. धान-गेहूं चक्र की खेती से हटाकर किसान को अधिक लाभ देने वाली फसलों का विकल्प देना.
जानें कहां कर सकते हैं अप्लाई
इस योजना का आवेदन करने के लिए किसानों सबसे मेरा पानी मेरा विरासत की आधिकारिक वेबसाइट (http://117.240.196.237/) पर जाकर पंजीकरण कराना होगा. इसके अलावा मेरी फसल, मेरा ब्योरा (https://fasal.haryana.gov.in/). अन्य जानकारियों के लिए इन वेबसाइटों के अलावा हरियाणा सरकार की कृषि विभाग की वेबसाइट https://www.agriharyana.gov.in/ पर भी विजिट कर सकते हैं.