Pomegranate Farming: भारत में परंपरागत खेती में लगातार घटते मुनाफे और हर साल प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की वजह से किसानों ने अब अन्य विकल्पों को तलाशना शुरू कर दिया है. किसान सबसे ज्यादा उन फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनकी लागत कम है और मुनाफा ज्यादा.
किसानों के बीच पिछले कुछ समय में आनार की खेती करने का चलन तेजी से बढ़ा है. भारत में इसकी सबसे ज्यादा खेती उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में होती है. ये पौधा 3 से 4 साल में पेड़ बन जाता और फल देने लगता है. बता दें कि अनार का एक पेड़ तकरीबन 24 साल तक जीवित रहता है यानी आप इतने सालों तक इससे मुनाफा कमा सकते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, अनार के पौधे को अगस्त या मार्च में लगा सकते हैं. साथ ही इसकी खास बात है कि इसे किसी भी प्रकार की मिट्टी पर उगाया जा सकता है. इसके लिए किसान एक पौधा लगाने से एक महीने पहले गड्ढे खोद लें. इन गड्ढों को लगभग 15 दिनों तक खुला छोड़ दें. इसके बाद लगभग 20 किग्रा पकी हुई गोबर की खाद, 1 किग्रा सिंगल सुपर फॉस्फ़ेट, 0.50 ग्राम क्लोरो पायरीफास का चूर्ण तैयार कर इन सभी को गड्ढों की सतह से 15 सेमी. ऊंचाई तक भर दें.
अनार के पौधों के लिए पर्याप्त सिंचाई होना सबसे जरूरी हैं. हर 5 से 7 दिनों में इसकी सिंचाई कर देनी चाहिए. इसके अलावा ध्यान रखें कि इसके फलों की तुड़ाई तब तक ना करें जब तक यह पूरी तरह से पक ना जाएं.
अनार की खेती में एक पेड़ से 80 किलो फल मिल सकते हैं. एक हेक्टयर में लगभग 4800 क्विंटल तक का फल निकाला जा सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, एक हेक्टेयर में आनार की खेती से आप आराम से 8 से लाख रुपये तक आसानी से कमा सकते हैं.