भारत में कृषि सबसे ज्यादा मौसम पर निर्भर है. अक्सर देखा जाता है कि किसानों की फसल बारिश, ओलावृष्टि, रोगों और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से खराब हो जाती है. ऐसे में कम जानकारी के अभाव एवं सही समय पर फसलों का बीमा न होने की वजह से किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाता. जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
मौसम की मार के चलते बर्बाद हुई फसलों की चिंता में कई किसान आत्महत्या तक कर लेते हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने और किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर फरवरी 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( PM Fasal Bima Yojana) को लागू किया गया. जिसका उद्देशय प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा देना है.
किस आधार पर मिलेगा फसल बीमा का लाभ
इस समय कई राज्यों में किसान खरीफ की बुवाई कर रहे हैं. किसान धान, मक्का, बाजरा, कपास जैसी खरीफ की फसलों का बीमा करवा सकते हैं. खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2021 है. इस योजना के तहत बुवाई के 10 दिन के अंदर किसान को पीएमएफबीवाई (PMFBI) के लिए आवेदन करना होगा. बीमा का लाभ तभी मिलेगा जब फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो. कृषि मंत्रालय की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार खरीफ की फसल के लिए किसान को 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना पड़ता है. इसके अलावा बागवानी फसलों के लिए किसानों को 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.
कैसे करें आवेदन?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिकारिक वेबसाइट (https://pmfby.gov.in/) पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान मांगी गई सारी जानकारियां भरनी होंगी. वहीं, ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसी भी नजदीकी बैंक से इस बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं.
इस योजना का लाभ उठाने के लिए क्या करना होगा?
अगर फसल किसी प्राकृतिक कारणों से बर्बाद हो जाती है, तो सबसे पहले 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को इसकी सूचना देनी होगी. जिसके बाद बीमा कंपनी किसी अधिकृत व्यक्ति को खेतों का मुआयना करने के लिए भेजेगी. वह व्यक्ति खेतों में खराब हो चुकी फसलों का आकलन कर बीमा कंपनी को रिपोर्ट सौंपेगा. इन सब प्रकियाओं के पूरा होने के बाद किसान को उनके मुआवजे मिलता है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.