Rose Cultivation: कम लागत ज्यादा मुनाफे की वजह से आजकल लोगों के किसानों के बीच फूलों की खेती का चलन बढ़ा है. ऐसे में काफी संख्या में किसान गुलाब के फूलों की खेती की तरफ भी आकर्षित हुए हैं. बता दें गुलाब के फूल और तेल की बाजार में भारी मांग बनी रहती है. ऐसे में किसान इस फूल की खेती से लागत से कई गुना से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल भारत में सबसे अधिक गुलाब की खेती करने वाले राज्य हैं. इस बीच उत्तर भारत के कई इलाकों में अब किसान इसकी खेती को प्राथमिकता देने लगे हैं. इसकी खेती की सबसे खास बात है कि इसे गमलों में, छतों के ऊपर, इनडोर, खुले मैदान, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस में भी लगाया जा सकता है.
इस फूल के विकास के लिए 15 से 18 डिग्री का तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है. हालांकि, कश्मीर जैसे जगहों पर भी गुलाब के फूल 15 डिग्री सेल्सियस से कम के तापमान पर ये फूल अच्छी तरह से विकास करते हैं. इसके अलावा इस पौधे की खेती के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे जरूरी मानी जाती है.
इस फूल की बुवाई के लिए ज्यादातर किसान वैसे तो कलम विधि अपनाते हैं, लेकिन अब बीजों के माध्यम से भी इस फूल की खेती होने लगी हैं. बता दें कि एक जब गुलाब के पौधे से फूल निकलना शुरू हो गया तो आप लगातार 12 महीने इससे मुनाफा कमा सकते हैं. बार-बार इसके पौधे के लिए बुवाई-निड़ाई की आवश्यकता नहीं पड़ती. इसके अलावा अन्य फसलों के मुकाबले इस पौधे को सिंचाई की भी इतनी जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में किसानों को इसकी खेती में लागत भी कम आती है.
आपको बता दें कि इसकी खेती करीब चार महीने में फूल देना शुरू कर देती है. एक एकड़ जमीन की बात करें, तो लगभग 30 से 40 किलो या इससे ज्यादा भी फूल निकल आते हैं. मौजूदा दौर में बाजार में इसका भाव 50 से 70 रुपये किलो है. ऐसे में एकड़ में 200 से 300 कुंतल फूल निकल आते हैं. किसानों को इस फूल को बाजार में बेचने के लिए ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती है. गुलाब के फूल से कई तरह के प्रोडक्ट तैयार होते हैं, ऐसे में इसकी साल 12 महीने लगातार बनी रहती है. ऐसे में एक एकड़ में किसान आराम से 15 लाख तक का मुनाफा हासिल कर सकता है.