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Sagwan Farming: इस पेड़ की खेती से हो जाएंगे मालामाल, कुछ सालों के अंदर हो जाएंगे करोड़पति!

Sagwan Cultivation: बाजार में सागवान की लकड़ियों की मांग बेहद ज्यादा है, लेकिन इस मांग की भरपाई किसानों द्वारा नहीं हो पाती है. सरकार भी किसानों को पेड़ लगाने के लिए अपने स्तर पर प्रोत्साहित करती रहती है. कई राज्यों सरकार द्वार पेड़ लगाने के लिए किसानों को आर्थिक तौर पर मदद भी दी जाती है.

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Sagwan Ki Kheti
Sagwan Ki Kheti
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सागवान की खेती के लिए जलोढ़ मिट्टी उपयुक्त
  • 100 से 150 फीट ऊंचे होते हैं ये पेड़

Sagwan Ki Kheti Kaise kare: बाजार में सागवान की लकड़ियां बेहद अच्छी कीमतों पर कीमतों पर बिकती हैं. इससे बनने वाले फर्नीचर बेहद मजबूत होते हैं. इसके अलावा इसकी लकड़ियों में कम सिकुड़न होती है जिसकी वजह से यह सालों साल सुरक्षित भी रहती हैं. ऐसे में किसान इस पेड़ की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

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बता दें कि बाजार में सागवान की लकड़ियों की मांग बेहद ज्यादा है. लेकिन इस मांग की भरपाई किसानों द्वारा नहीं हो पाती है. सरकार भी किसानों को पेड़ लगाने के लिए अपने स्तर पर प्रोत्साहित करती रहती है. कई राज्यों सरकार द्वार पेड़ लगाने के लिए किसानों को आर्थिक तौर पर मदद भी दी जाती है.

सागवान की खेती के लिए 15°C से 40°C. नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए इसकी खेती और भी फायदेमंद साबित हो सकती है. इसके लिए जलोढ़ मिट्टी को सबसे उपयुक्त माना जाता है. अगर विशेषज्ञों की सलाह माने तो इस पौधे को 8 से 10 फीट की दूरी पर लगाना चाहिए.

सागवान की बुवाई के लिए प्री-मानसून का मौसम सबसे अनुकूल माना जाता है. इस वक्त इसका विकास बेहद तेजी से होता है. इन सबके बीच किसानों को खेतों की साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. खेतों से खरपतवार समय-समय पर हटाते रहे. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि पौधों तक सूर्य की पर्याप्त रोशनी पहुंच रही हो.

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सागवान के पेड़ में औषधीय गुण होते हैं. इसके पत्ते और छाल का उपयोग कई दवाओं में भी किया जाता है. पत्तों में कड़वाहट होने की वजह से जानवर भी इसे खाना पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में यह पेड़ बिना किसी दिक्कत के 10 से 12 सालों में आराम से तैयार हो जाता है.  ये पेड़ 100 से 150 फीट ऊंचे होते हैं.

किसान 12 साल बाद इस पेड़ की कटाई कर सकते हैं. 12 वर्षों के बाद यह पेड़ वक्त के साथ मोटा होता जाता है, इस दौरान पेड़ का मूल्य भी बढ़ता जाता है. सागवान का पेड़ एक बार काटने के बाद फिर से बढ़ता है और फिर से काटा जा सकता है. जाहिर सी बात है इस पेड़ से किसान लगातार मुनाफा कमा सकते हैं. 

कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर एक एकड़ में 500 सागवान के पेड़ लगाए जाए तो 12 सालों बाद इसकी कीमत करोड़ों की हो जाएगी. इसका एक पेड़ तकरीबन 25 से 30 हजार रुपये में बिकता. समय के साथ इसकी कीमतों में इजाफा होता है. ऐसे में इसकी खेती से किसान महज 10 से 12 सालों में करोड़पति बन सकता है.

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