
बिहार में आया मॉनसून (Bihar Monsoon) धान की खेती करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित होने वाला है. इतना ही नही भिंडी, लौकी, नेनुआ (तोरी), करेला और खीरा की बुआई के लिए मौसम को अनुकूल बताया गया है.
डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बिहार के किसानों को मौसम के अनुरूप खेती करने के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में मॉनसून सक्रिय हो चला है, खासकर के उत्तर बिहार में मध्यम बारिश हो सकती है. बेगूसराय, गोपालगंज, सारण, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश हो सकती है.
कुलपति ने कहा कि धान की खेती के लिए किसान जल्दी से जल्दी खेत तैयार कर ले. खेतों की आरी को ऊंचा करे ताकि बारिश हो तो पानी उनके खेतों में रुका रहे. जिससे आगे उन्हें सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़े. जिले में बने रासायनिक खाद और मीजील सल्फेट का प्रयोग करें. ताकि खर्रा रोग न लगे. जिन लोगों ने नर्सरी नहीं लगाई है, वो जल्द से जल्द लगा लें. सब्जी लगाने वाले किसान भिंडी, लौकी, नेनुआ (तोरी), करेला और खीरे की बुआई के लिए खेत को तैयार करें और उसमे वर्मी कंपोस्ट खाद का प्रयोग करें.
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बता दें कि उत्तर बिहार में मॉनसून के बीच जारी बारिश को लेकर डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर के मौसम विभाग ने मौसम बुलेटिन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उत्तर बिहार के कई जिलों में 19 जून से 23 जून के बीच तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है.
अगले 24 से 48 घंटे तक 10 से 12 किलोमीटर कि रफ्तार से हवा के साथ बारिश होने का अनुमान है. पूसा मौसम विभाग के अधिकारी द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक आने वाले दिनों में बिजली कड़कने की भी संभावना बनी हुई है. आम लोगों से अपील करते हुए उन्हें पक्के घर में रहने की सलाह दी गई है. बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात बाधित होने आशंका भी जताई है. 19 से 23 जून की इस अवधि में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने की भी संभावना है.