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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (गुरुवार), 01 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी और पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री के रूप में अपना छठा बजट पेश किया. वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने संसद में अपने बजट भाषण की शुरुआत बीते 10 साल में मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए की. उन्होंने कहा कि इकोनॉमी में बीते 10 वर्षों में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला. सबका साथ सबका विकास मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ी और हर सेक्टर पर इसका असर दिखा, नई योजनाएं शुरू की गईं और रोजगार के मोर्चे पर बड़े कदम उठाए गए हैं.
निर्मला सीतारमण ने बजट में युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया. हालांकि, अंतरिम बजट में इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. आइए जानते हैं किसानों के लिए वित्त मंत्री ने क्या किए ऐलान.
4 करोड़ किसानों को फसल बीमा प्रदान किया गया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं. उन्होंने बताया कि पीएम- किसान सम्मान योजना के अंतर्गत हर वर्ष सीमांत और छोटे किसानों सहित 11.8 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. साथ ही, उन्होंने बताया कि पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत 4 करोड़ किसानों को फसल बीमा प्रदान किया गया है. अनेक दूसरे कार्यक्रमों के अलावा इन उपायों से 'अन्नदाता' को देश और पूरी दुनिया के लिए अन्न पैदा करने में सहायता दी जा रही है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट ने 1361 मंडियों को एकीकृत किया गया है और इसमें 3 लाख करोड़ रुपये मूल्य का कारोबार हो रहा है और 1.8 करोड़ किसानों को सेवाएं मिल रही हैं.
किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा
बजट 2024 के भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र में मूल्यवर्धन और किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और रोजगार के 10 लाख अवसरों का सृजन हुआ है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम के औपचारिकीकरण योजना से 2.4 लाख स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) और साठ हजार व्यक्तियों को ऋण सुविधा प्राप्त करने में सहायता मिली है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पूरा भाषण यहां पढ़ें
फसल कटाई के बाद होने वाली हानि को कम करने और उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने के प्रयासों में अन्य योजनाओं से मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार उपज एकत्रीकरण, आधुनिक भंडारण, दक्षतापूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, प्राथमिक और माध्यमिक प्रसंस्करण तथा विपणन एवं ब्रांड तैयार करने सहित फसल कटाई के उपरांत चलाए जाने वाले कार्यकलापों में निजी और सार्वजनिक निवेश को और बढ़ावा देगी.
नैनो डीएपी का होगा प्रयोग
वहीं, नैनो यूरिया को सफलतापूर्वक अपनाए जाने के बाद सभी कृषि- जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी का प्रयोग किया जाएगा. साथ ही, उन्होंन बताया कि साल 2022 में घोषित पहल से आगे बढ़ते हुए सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों के संबंध में 'आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए कार्यनीति तैयार की जाएगी. इसमें अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यापक पैमाने पर अपनाने, बाजार संपर्कों, खरीद, मूल्य-वर्धन और फसल बीमा को शामिल किया जाएगा.
डेयरी किसानों और मत्स्य संपदा पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण
डेयरी किसानों की सहायता के लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जाएगा. मत्स्य संपदा पर बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह हमारी सरकार ही थी जिसने मछुआरों की सहायता करने के महत्व को समझते हुए अलग मत्स्यपालन विभाग की स्थापना की. इसके परिणामस्वरूप इनलैंड और जलकृषि उत्पादन दोगुना हो गया है. साल 2013-14 से सीफूड का निर्यात भी दोगुना हो गया है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के कार्यान्वयन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके उद्देश्य इस प्रकार होंगे-