
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में जीवनदायिनी गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. जनपद में गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं और बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों में घुस चुका है. एक तरफ बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है. वहीं, कई जगहों पर सड़के भी पानी से डूब चुकी हैं और घरों में भी पानी घुस गया है. आलम यह है कि लोग छतों पर आशियाना बना कर रहने के लिए मजबूर हैं. बाढ़ के कारण लोगों की फसल बर्बाद हो गई.
चंदौली में गंगा और गंगा की सहायक नदियां उफान पर हैं. जिसकी वजह से जिले के डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांव तो पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. वहीं, कई दर्जन ऐसे गांव भी हैं जहां बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भी घुस गया है और लोग छत पर आशियाना बना कर रहने को मजबूर हैं. चंदौली के नियामताबाद ब्लॉक के रौना गांव की रहने वाली मनीषा तिवारी के घर में उफनाई गंगा का पानी पहुंच गया. आनन फानन में मनीषा और उनके परिजन घर मे रखा अनाज और गृहस्ती का सामान लेकर छत पर चले गए. गांव की बिजली भी कटी हुई है. जिसके चलते इन लोगो को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
बर्बाद हुई किसानों की फसल
मनीषा ने आजतक से बताया कि बाढ़ का पानी इतना बढ़ रहा है कि हम लोग परेशान हैं. हमारे पूरे घर में नीचे पानी पानी है. इधर कहीं आने जाने का व्यवस्था भी नहीं है. साग सब्जी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. वहीं दूसरी तरफ बाढ़ के पानी ने इस गांव के किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया है. बताते चलें कि चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है और इस कृषि प्रधान जनपद में ज्यादातर लोग खेती किसानी पर ही आश्रित है. अब, जब बाढ़ के पानी ने इनके खून पसीने से सींचकर खड़ी की गई फसल को बर्बाद कर दिया है. लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.
पूरी तरह खत्म हुई धाम की फसल
बाढ़ से प्रभावित चन्दौली के किसान रमाशंकर बताते हैं कि गांव में बिजली नहीं है, लाइट की समस्या है, पानी की समस्या है,आम जनता को आने जाने की दिक्कत हो रही है. यहां पर नाव की व्यवस्था होनी चाहिए. खेती तो पूरी खत्म हो गई है. किसानों ने जो पांच दस हजार लगाकर धान की फसल लगाई थी वह पूरी फसल खत्म हो गई.