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भारी बारिश में हजारों एकड़ फसल बर्बाद, किसानों ने सामूहिक आत्महत्या की दी चेतावनी

Heavy rainfall destroyed crops: भोपाल में ज्यादा बारिश होने से यहां के गांवों के कई किसानों की पूरी की पूरी फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है. इन किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है. किसानों ने सरकार से नुकसान के एवज में मुआवजा देनी की मांग की है. ऐसा नहीं होने की दशा में सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी भी दी है.

Rainfall ruined thousands of acres of crops Rainfall ruined thousands of acres of crops
इज़हार हसन खान
  • भोपाल,
  • 19 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

Rainfall ruined thousands of acres of crops: मध्यप्रदेश में अब तक सामान्य से 21% और भोपाल में सामान्य से 94% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. भोपाल से सटे हुए सभी डैम को ओवर फ्लो होने से बचाने के लिए उनके गेट खोल दिए गए थे. अब बारिश बंद होते ही सभी गेट बंद कर दिए गए हैं. भोपाल के हलाली डैम किनारे बसे 20 से ज्यादा ऐसे गांव हैं जहां पर खेत पानी में डूबे नजर आ रहे हैं.

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हजारो एकड़ फसल बर्बाद

इन गांवों की हजारो एकड़ फसल पानी में डूब गई है. फसल सड़कर मुरझाने लगी है. किसान कहते हैं कि हर साल मॉनसून के बाद उन्हें इस स्थिति से गुजरना पड़ता है. लेकिन नुकसान का कभी भी मुआवजा नहीं मिला. इस साल भोपाल में ज्यादा बारिश होने से यहां के गांवों के कई किसानों की पूरी की पूरी फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है. इन किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है. रोंझिया गांव में ही अकेले 200 एकड़ से ज्यादा की फसल खराब हो गई है.

किसानों की ये है मांग

किसानों की मांग है कि संबंधित विभाग हमारी जमीनों का अधिग्रहण करके हमें उसके बदले में पैसा दे दे. बैंक से कर्ज लेकर खेती की थी, अब वे भी वसूली को आएंगे. जिनसे खाद बीज दवाई ली है वह भी तकादा करेंगे. इन मांगों को लेकर किसान कृषि मंत्री और कलेक्टर से भी मिल चुके हैं.

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किसानों ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनको मुआवजा नहीं दिया तो वह सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे. इस बार शासन से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. धरना प्रदर्शन आंदोलन और चक्का जाम करेंगे.

प्रशासन ने कहा ये

किसानों की फसल के नुकसान का आकलन करने गई पटवारी पूजा गुप्ता ने माना कि डैम का पानी भरने से 20 गांवों के किसानों की फसल का नुकसान हुआ है, लेकिन अभी इसका आकलन नहीं किया जा सका है. वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

किसानों की चेतावनी

किसान देशराज यादव कहते हैं कि सालों से प्रशासन की गुंडागर्दी देख रहा हूं. पानी ओवर कर देते हैं ओवरफ्लो से नहर चलाते हैं और हमें कुछ मुआवजा नहीं देते हैं. सिंचाई विभाग दुगना पैसे कमा रही है हमारे खेतों में नाजायज पानी भरकर. स्थितियां ऐसी हो गई है कि अब हम सभी सामूहिक रूप से आत्महत्या करने के लिए विवश हो चुके है. मेरे पास 13 एकड़ जमीन है और पूरी की पूरी डूब चुकी है.

हर साल आती है ऐसी स्थिति

किसान ऋषि यादव के मुताबिक 14 सालों से वह फसल लगाते हैं और वह बर्बाद हो जाती है. लगातार मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगा रहे हैं. हमारी मांग है कि हमारे नुकसान का सर्वे किया जाए और हमें मुआवजा दिया जाए.

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किसान बलवीर यादव बताते हैं कि अपनी समस्या को लेकर मंत्री और कलेक्टर से भी मिल चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं आया. कई किसानों की पूरी की पूरी फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है अब वह अपना जीवन यापन कैसे करेंगे?


 

 

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