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पपीता की खेती करने पर किसानों को इस राज्य में मिल रहे 45 हजार रुपये, यहां करें आवेदन

बिहार सरकार बागवानी के क्षेत्र में पपीता की खेती में अच्छी संभावना को देखते हुए अपने किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. राज्य सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पपीता की खेती के लिए किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है.

Papaya Farming Papaya Farming
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

देश में किसानों ने पिछले कुछ समय से मुनाफा पहुंचाने वाली फसलों की खेती की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है. पपीता भी उन्हीं फसलों में शामिल है. बिहार सरकार बागवानी के क्षेत्र में पपीता की खेती में अच्छी संभावना को देखते हुए अपने किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इसके तहत किसानों को पपीते के बाग लगाने के लिए सरकार बंपर सब्सिडी दे रही है.

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कितनी मिलेगी सब्सिडी

बिहार सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पपीता की खेती के लिए किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है. राज्य सरकार ने पपीता की खेती के लिए इकाई लागत 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की है. इस पर किसानों को 75 फीसदी यानी 45,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी. पपीता की किसानों को एक हेक्टेयर में पपीता की खेती के लिए सिर्फ 15 हजार रुपये खर्च करने होंगे.

यहां आवेदन करें किसान

अगर आप बिहार के किसान हैं और पपीते की खेती के लिए इच्छुक हैं तो एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत पपीते की खेती पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in के लिंक पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं. इस योजना के बारे में अन्य जानकारियों के लिए किसान नजदीकी उद्यान विभाग में संपर्क कर सकते हैं.

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किसानों के लिए फायदेमंद है पपीते की खेती

पपीते में अत्यधिक मात्रा में विटामिन ए होता है, इसके अलावा विटामिन सी भी पाया जाता है. वहीं पपीते में अधिकांश मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन आदि भी पाया जाता है. कई अन्य रोगों में ये फायदेमंद भी है. ऐसे में पपीते की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

 

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