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Eucalyptus Tree Farming: इस पेड़ की खेती से होगी बंपर कमाई, सिर्फ इतने सालों में होगा 10 लाख का मुनाफा

Safeda Ki Kheti: भारत में ज्यादातर किसान अब ऐसे पेड़ और फसलों की खेती करते हैं, जिससे ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके. सफेदा भी एक ऐसा ही पेड़ है जो किसानों को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा कर दे सकता है. यहां पढ़िए सफेदा की खेती के लिए टिप्स.

Safeda Ki Kheti Safeda Ki Kheti
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2022,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST
  • सफेदा की खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है
  • यूकेलिप्टस की लकड़ी की बाजार में ज्यादा मांग होती है

Agricultural Tips For Safeda Ki Kheti: भारत के किसान पिछले कुछ सालों से पारंपरिक खेती से अलग मुनाफेदार पेड़ों की खेती में भी दिलचस्पी लेने लगे हैं. किसानों के बीच ऐसे पौधों की खेती का चलन बढ़ गया है, जो अच्छा मुनाफा कमा के दे सकते हैं.  इसी तरह का एक पेड़ है सफेदा, जिसकी खेती कर किसान आराम से लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं.

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सफेदा या यूकेलिप्टस की खेती करने वाले किसानों को संयम बरतने की जरूरत होती है. यह पौधा तकरीबन 8 से 10 साल में एक पेड़ के तौर पर तैयार होता है. इसके बाद आप इस पेड़ की लकड़ियों को बेच कर आराम से 10 से 12 लाख की कमाई कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खेतों में पौधे सघन लगाए गए हैं तो इसकी लकड़ियों का उपयोग चौथे वर्ष से भी करना शुरू कर सकते हैं. हालांकि गिरते जलस्तर की वजह से सरकार यूकेलिप्टस की खेती को प्रमोट नहीं करती है, बल्कि कई जगहों पर रोपाई के लिए मिलने वाले इसके पौधों के कीमतों में भी इजाफा भी कर दिया गया है.

किस तापमान में लगाने चाहिए सफेदा के पेड़?
यूकेलिप्टस के पौधों को उन क्षेत्रों में लगाना चाहिए जहां तापमान तकरीबन 30 से 35 डिग्री के आसपास हो. सफेदा के पौधों को लगाते समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप जहां ये पौधे लगा रहे हैं वहां ठीक-ठाक जल निकासी की व्यवस्था हो. सफेदा के पौधों के विकास के लिए दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है. 

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सफेदा के पेड़ों के लिए कैसे तैयार करें खेत? 
सफेदा के पौधे लगाने के लिए सबसे पहले खेतों की जुताई कर लें. जुताई करने के बाद मिट्टी को अच्छी तरह से समतल कर लें. खेत समतल होने के बाद 5 फिट की दूरी पर एक फिट चौड़ाई और गहराई के गड्डे तैयार कर लें. प्रत्येक पंक्तियों के बीच 5 से 6 फिट की दूरी जरूर रखें. बता दें, इस पौधे के बीच आप अंतरफसली फसलों की खेती कर अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं.

कैसे करें पौधे की देखभाल?
इस पौधे की खेती करने वाले किसान बताते हैं दीमक की वजह से इस फसल को बेहद नुकसान होता है. इसके अलावा पौधों में गांठ बनने की समस्या भी सामने आती है. ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह से किसानों को समय-समय पर कीट और रोगों से रोकथाम के लिए उपाय तलाशने चाहिए.

किस काम आती है सफेदा की लकड़ी?
सफेदा या यूकेलिप्टस की लकड़ी की बाजार में भारी मांग है. इसकी लकड़ी फर्नीचर, ईंधन तथा कागज की लुगदी बनाने के काम आती है. 

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