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कौन-कौन सी गाड़ियां जाएंगी कबाड़ में, सरकार ने तय किए स्क्रैपिंग के मानदंड

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST
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देश में पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजने के लिए सरकार ने हाल में एक नई ‘व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी’ जारी है. वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए देशभर में 450 से 500 Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) बनाए जाने हैं. इन RSVF पर कौन सी गाड़ियां स्क्रैप होंगी, इसके नियम तय कर दिए गए हैं. (File Photo)

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin  Gadkari) ने ट्वीट कर इन मानदंडों की जानकारी दी. इसके हिसाब से जो वाहन केन्द्रीय मोटर वाहन नियम-1989 के नियम-52 के मुताबिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं कराएंगे, उन्हें RSVF पर स्क्रैप किया जा सकेगा. नियम-52 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन खत्म होने से पहले उसके रीन्यूअल से जुड़ा है. (File Photo)

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RSVF पर ऐसे वाहनों को भी स्क्रैप किया जा सकेगा जिन्हें मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-62 के हिसाब से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है. इसके अलावा किसी एजेंसी द्वारा कबाड़ बनाने के लिए नीलामी में खरीदे गए वाहन भी स्क्रैप हो सकेंगे. नीलामी में वाहन खुद RSVF भी खरीद सकते हैं.

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जो वाहन आग, दंगों, प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना या किसी अन्य आपदा के कारण खराब हो जाएंगे और उसके बाद उस वाहन के मालिक खुद उसे कबाड़ घोषित कर देंगे, ऐसे वाहन RSVF पर स्क्रैप में बदले जा सकेंगे. (Photo : Getty)

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जिन वाहनों को केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा चलन से बाहर कर दिया जाएगा या जो सरप्लस में होंगे या उनकी मरम्मत करना मुमकिन नहीं होगा, उन्हें RSVF में स्क्रैपिंग के लिए भेज दिया जाएगा. इसके अलावा किसी कानूनी एजेंसी द्वारा नीलाम किए जाने वाले, जब्त किए गए या लावारिस पड़े वाहनों को RSVF पर स्क्रैप बनाया जा सकेगा. (File Photo)

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ऐसे वाहन जो खनन, हाइवे निर्माण, फार्म्स, बिजली, कारखाने या हवाईअड्डों इत्यादि परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाए जाते हैं या जो अपना समय पूरा कर चुके हैं और किसी काम के नहीं रहे, उन्हें मालिक की रजामंदी के बाद स्क्रैप में भेजा जाएगा. इसके अलावा कोई भी मालिक अपनी मर्जी से किसी वाहन को स्क्रैप में भेजता है, उसे भी RSVF पर स्क्रैप बनाया जाएगा. (File Photo)

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इसके अलावा ऐसे वाहन जो मैन्युफैक्टरिंग के दौरान रिजेक्ट हो जाएंगे. या जो टेस्टिंग व्हीकल या प्रोटोटाइप होंगे, या कारखाने से डीलर तक ले जाने में टूट-फूट जाएंगे, बिना बिके रह जाएंगे, ऐसे सभी वाहन उसे बनाने वाली कंपनी की मंजूरी के बाद RSVF पर स्क्रैप किए जा सकेंगे. (Photo : Getty)
ये है नितिन गडकरी का ट्वीट

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