देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का क्रेज धीरे-धीरे बढ़ रहा है. लेकिन व्यापक पैमाने पर इन्हें अपनाए जाने को लेकर इनकी कीमतें एक बड़ा मुद्दा हैं. ऐसे में Tesla और Hyundai जैसी बड़ी कार कंपनियों ने सरकार से ये मांग की है और इससे आपको भी फायदा होने की उम्मीद है. (Photo : Getty)
दुनिया की सबसे इनोवेटिव कंपनियों में से एक मानी जानी वाली एलन मस्क की Tesla ने भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों को आयात करने के लिए शुल्क में छूट या कटौती की मांग की है. Tesla देश में अपना प्लांट लगाने की इच्छुक है, लेकिन साथ ही उसने इलेक्ट्रिक कारों की पूरी यूनिट (CBU) के आयात पर सरकार से कर में छूट की मांग की है.
देश की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी Hyundai Motors के एमडी और सीईओ एस.एस. किम ने Tesla की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें पता चला कि Tesla ने इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर शुल्क में कटौती की मांग की है. इससे वाहन कंपनियों को इस प्राइस सेंसिटिव मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक पैमाने पर पहुंचाने में मदद मिलेगी.
Hyundai का कहना है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट के लिए सरकार के समर्थन की जरूरत है. ये समर्थन इस सेगमेंट की दो मुख्य चुनौतियों एक तो देश में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर को युक्तिसंगत बनाने में चाहिए. (Photo : Getty)
Hyundai Motors के सीईओ किम का कहना है कि सरकार को CBU पर आयात शुल्क में छूट तब तक देनी चाहिए जब तक कि कंपनियों को स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन के कलपुर्जे ना मिलने लगे. इलेक्ट्रिक वाहनों का आयात सस्ता करने से देश में इनका बाजार बनाने में भी मदद मिलेगी.
Hyundai का कहना है कि वाहन कंपनियां भारत को 100% मेड इन इंडिया सस्ते इलेक्ट्रॉनिक वाहन का बाजार बनाना चाहती हैं. लेकिन इसमें समय लगेगा. ऐसे में यदि सरकार आयात शुल्क को कम करती है तो ये सभी के लिए मददगार होगा और व्यापक पैमाने पर लोगों तक इलेक्ट्रिक वाहन पहुंच सकेंगे. उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क कम होने का फायदा ग्राहकों को भी होगा और उनके लिए इनकी कीमतें नीचे आएंगी. (Photo : Getty)
मौजूदा समय में देश में CBU के आयात पर 60% से लेकर 100% तक का आयात शुल्क लगता है. ये कार की कीमत, इंजन के साइज, बीमा और मालभाड़ा इत्यादि की लागत पर निर्भर करता है. केन्द्र सरकार ने भारत को 2030 तक पूर्णतया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को पाने के लिए देश में बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत है. .(Photo : Getty)