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Electric Vehicles को रजिस्ट्रेशन फीस से छूट, हो सकते हैं दाम इतने कम!

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST
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सरकार लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों को पॉपुलर बनाने की लगातार कोशिश कर रही है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर पहले से ही FAME योजना के तहत सब्सिडी दी जा रही है और अब इन गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन फीस (Registration Fee) और रिन्यूवल फीस (Renewal Fee) से भी छूट दे दी गई है. इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों के और सस्ते होने की उम्मीद है. जानें कितनी सस्ती हो सकती हैं इलेक्ट्रिक गाड़ियां...
(Photo : Getty)

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इलेक्ट्रिक गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन फीस से छूट देने के संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया. इसके हिसाब से नए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर लगने वाले Registration Certificate (RC) चार्ज या पुराने वाहनों के Renewal Charge को अब नहीं देना होगा. (File Photo)

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इलेक्ट्रिक गाड़ियों को Registration Fee से छूट देने में सरकार की मंशा साफ नजर आती है कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है. ग्राहक को भी इसके दो फायदे होंगे, पहला कि Electric Vehicle पहले से सस्ते होंगे. दूसरा पेट्रोल-डीजल के दाम जिस तरह से बढ़ रहे हैं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर शिफ्ट होने से उनका खर्चा कम होगा. (File Photo)

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन शुल्क से छूट हर तरह के इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए होगी. इसमें इलेक्ट्रिक कार से लेकर इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटर या तीन पहिया वाहन जैसे कि लोडिंग गाड़ियां इत्यादि सभी शामिल हैं.

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जब भी हम कोई नई कार या स्कूटर/बाइक खरीदते हैं तो उसकी एक्स-शोरूम प्राइस (Ex-Showroom Price) के ऊपर हमें एक Registration Charge देना होता है. इस रजिस्ट्रेशन चार्ज को व्हीकल के प्राइस में जोड़कर उसकी On-Road Price तय होती है. इस रजिस्ट्रेशन फीस में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन चार्ज के साथ-साथ, नंबर प्लेट चार्ज, टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन चार्ज, पार्किंग या स्टेट डेवलपमेंट फी, Road Tax और FasTag चार्जेस इत्यादि शामिल होते हैं. 

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अभी देश में सभी कारों के लिए 600 रुपये का Registration Charge लिया जाता है. वहीं अगर आप गाड़ी लोन से लेते हैं तो 1,500 रुपये का हाइपोथेकेशन चार्ज आपको देना होता है. इसके अलावा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का 230 से 400 रुपये भी देना होता है. वहीं Temporary Registration Charge के लिए 1,500 से 2,500 रुपये तक लगते हैं और FasTag का चार्ज भी लिया जाता है. (Photo : Getty)

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नए वाहन की खरीद पर हर राज्य अपने हिसाब से Road Tax की वसूली करता है. कुछ राज्य रोड टैक्स का कैलकुलेशन कार के फ्यूल वैरिएंट के हिसाब से करते हैं तो कुछ उसकी एक्स-शोरूम प्राइस के हिसाब, कुछ उसकी सिटिंग कैपेसिटी के हिसाब से तो कुछ उसके इंजन के सीसी के हिसाब इसे कैलकुलेट करते हैं.

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दिल्ली में इंडीविजुअली कार रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 6 लाख तक की पेट्रोल कार पर 4% और डीजल कार पर 5% रोड टैक्स लगता है. हालांकि Electric Vehicle के लिए ये पहले ही Zero है.  वहीं टू-व्हीलर के लिए दिल्ली में 25,000 तक के प्राइस पर 2%, 40,000 तक 4%, 60,000 तक 6% और उससे ऊपर 8% है. उत्तर प्रदेश में 10 लाख से नीचे की कार पर 8% और उसके ऊपर 10% का रोड टैक्स लगता है. यहां फ्यूल के हिसाब से अलग-अलग चार्जेस नहीं हैं. वहीं रिन्यूअल फीस में कार या वाहन कितना पुराना है इस फैक्टर पर शुल्क वसूला जाता है. (Photo : Getty)

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कुछ राज्य स्टेट डेवलपमेंट या पार्किंग फी भी चार्ज करते हैं. दिल्ली में नई कार खरीदने पर 4 लाख रुपये तक की कीमत वाली कार के लिए 2,000 रुपये और उससे ज्यादा की कार के लिए 4,000 रुपये की पार्किंग फी देनी होती है. इसकी कॉस्ट भी कार की On Road Price में जुड़ती है. इसके अलावा केन्द्र सरकार वाहनों पर जीएसटी की वसूली भी करती है. (Photo : Getty)

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देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए पहले से FAME 2 के तहत सब्सिडी दी जा रही है. हालांकि इसका मुख्य तौर पर फायदा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को मिलता है और उनकी कीमत 15,000 रुपये तक कम भी हुई है. अब मंत्रालय के नोटिफिकेशन के हिसाब से सभी तरह के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रीन्यूअल और नए रजिस्ट्रेशन मार्क के शुल्क से छूट मिलेगी, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां और सस्ती हो सकती हैं. 

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