सरकार ने देश में विंटेज गाड़ियों की विरासत सहेजने की तैयारी कर ली है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इनके रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को फॉर्मलाइज्ड कर दिया है.
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी खुद ट्वीट करके दी थी कि विंटेज गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को फार्मलाइज्ड कर दिया गया है. इसका लक्ष्य देश में विंटेज कारों की विरासत को सुरक्षित करना और आगे बढ़ाना है.
गडकरी ने जानकारी दी कि अभी देश में और राज्यों में विंटेज गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के लिए कोई नियम या प्रोसेस नहीं है. ये नए नियम लोगों को ऐसे वाहनों का आसान रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा देंगे.
नई प्रस्तावित रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के मुताबिक जिन विंटेज गाड़ियों का पहले से रजिस्ट्रेशन है, वह अपने नंबर को बरकरार रख सकेंगी. वहीं विंटेज गाड़ियों में नई शामिल होने वाली गाड़ियों के लिए नई ‘VA’ सीरीज शुरू की जाएगी.
सरकार ने नए नियमों में साफ किया है कि कौन सी गाड़ियां विंटेज कहलाएंगी. अपने पहले रजिस्ट्रेशन के बाद से 50 साल पूरा कर चुकीं गाड़ियों को विंटेज की कैटेगरी में रखा जाएगा. इनमें पर्सनल यूज या नॉन-कमर्शियल यूज वाली चार पहिया और दोपहिया वाहन शामिल होंगे.
भले आपकी गाड़ी को 50 साल पूरे हो चुके हों, लेकिन नए नियमों के हिसाब से वो गाड़ियां विंटेज कैटेगरी में नहीं आएंगी जिनकी सब्सटेंशियल ओवरहॉलिंग हो चुकी हो. या जिनके चेसिस या बॉडी शेल या इंजन में मोडिफिकेशन हुआ हो.
देश में विंटेज गाड़ियां सिर्फ प्रदर्शन या रैली के लिए ही दौड़ सकेंगी. या फिर उन्हें पेट्रोल भरवाने, मैकेनिक के पास ले जाने, प्रदर्शनी या विंटेज रैली में ले जाने के लिए ही सड़कों पर निकाला जा सकेगा. इन गाड़ियों को लेकर टेक्निकल रिसर्च भी किया जा सकेगा.
सरकार ने पिछले साल 25 नवंबर को विंटेज कारों के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से जुड़े नियमों का ड्राफ्ट जारी किया था. तब सरकार ने इन्हें फॉर्मलाइज करने की नीयत से ही जारी किया था और लोगों से इस पर उनके कमेंट्स मांगे थे.