
मोरिस गैराजेज (MG Motors) ने इंडियन मार्केट में अपनी मशहूर इलेक्ट्रिक एसयूवी MG ZS EV को एक बड़ा अपडेट देते हुए नए अवतार में लॉन्च किया है. कंपनी ने इस एसयूवी में ADAS-2 लेवल की सेफ्टी से लैस किया है, और इसकी कीमत 27.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. रेगुलर एक्सक्लूविसव ट्रिम की तुलना में इसकी कीमत तकरीबन 59,000 रुपये ज्यादा है, हालांकि इसमें कुछ ऐसे ड्राइवर असिस्ट फीचर्स दिए गए हैं जो कि इसे और भी बेहतर बनाते हैं.
नई MG ZS EV में क्या है ख़ास:
कंपनी ने इसमें नए ट्रिम एक्सक्लूसिव प्रो को जोड़ा है, और इसमें ADAS लेवल 2 के फीचर्स दिए गए हैं. अब तक पिछले वेरिएंट में ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, लेवल चेंज असिस्ट और रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते थें. लेकिन अब इस नए अपडेट के बाद आपको एसयूवी में ट्रैफिक जाम असिस्ट, फॉवर्ड कोलाइज वार्निंग, ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, लेन डिपार्चर वार्निंग, स्पीड असिस्ट सिस्टम और एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी.
नई इलेक्ट्रिक एसयूवी में एक ख़ास बात यह है कि आप असिस्ट सिस्टम को अपने जरूरत के अनुसार मैन्युअल रूप से लो, मीडियम या हाई पर सेट कर सकते हैं. इस सिस्टम में चेतावनी के भी तीन लेवल दिए गए हैं, जिसमें हैप्टिक, ऑडियो और विजुअल शामिल हैं. इसके अलावा ZS EV में अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसमें पहले की ही तरह 6 एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल, 360-डिग्री कैमरा और हिल डिसेंट कंट्रोल जैसी सुविधा मिलती है. इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 10.1-इंच टचस्क्रीन सिस्टम, वायरलेस फोन चार्जिंग, 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और कनेक्टेड कार भी दिया जा रहा है.
ड्राइविंग रेंज और परफॉर्मेंस:
जैसा कि हमने बताया कि, इसके पावरट्रेन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, ये एसयूवी पहले जैसी ही 50.3kWh की क्षमता के बैटरी पैक से लैस है जो कि 461 किमी के ड्र्राइविंग रेंज के साथ आती है. हालांकि ये दावा कंपनी का है, रियल वर्ल्ड में इसमें भिन्नता संभव है. इसके फ्रंट एक्सल में इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो कि 176hp की पावर और 280Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. कंपनी का दावा है कि, ये एसयूवी महज 8.5 सेकंड में ही 0 से 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है.
क्या है ADAS तकनीक:
ये तकनीक इंसानी गलती के कारण होने वाली वाहन दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम करने में मदद करता है. राडार आधारित तकनीक को भविष्य के मॉडलों के लिए ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी (Autonomous Technology) के विकास की दिशा में पहले कदम के रूप में भी देखा जा रहा है. दरअसल ये ADAS सिस्टम, मल्टी विजन-बेस्ड एल्गोरिदम पर काम करता है जो कि आसपास के स्थिति और माहौल पर आधारित होता है और उसी के अनुसार ये सिस्टम प्रक्रिया करता है.
आसान शब्दों में समझें तो ADAS सिस्टम ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की सहायता करने के लिए एडवांस तकनीक का उपयोग करता है और इस प्रकार ड्राइवर के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है. ये सिस्टम वाहन के चारों ओर की स्थिति को देखने के लिए सेंसर तकनीक का उपयोग करता है और फिर ड्राइवर को जानकारी प्रदान करता है या आवश्यक होने पर स्वयं ही कार्रवाई करता है.