
Ola के को-फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) की मैनेजमेंट स्टाइल ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के मैनेजर्स और बोर्ड मेंबर्स के लिए चिंता का सबब बनती जा रही है. उनके रवैये की बानगी एक ताजा रिपोर्ट में पेश की गई है. इसमें कहा गया है कि ओला सीईओ एक मीटिंग के दौरान इतना भड़क गए कि उन्होंने कागज फाड़ते हुए अपनी टीम को बेकार (Useless) करार दे दिया.
ओला इलेक्ट्रिक की मीटिंग में भड़के CEO
बिजनेस टुडे पर ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले यह जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री (Two-wheeler Sale) में आई गिरावट के बीच उनका यह व्यावहार सामने आया है. इसमें ओला इलेक्ट्रिक के करीब दो दर्जन पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों के इंटरव्यू को शामिल किया गया है. ताजा मामला ओला इलेक्ट्रिक की टीम के साथ भाविश अग्रवाल की मीटिंग का है. इस मीटिंग में वे इस कदर भड़क गए कि सुर्खियों में आ गए.
पंजाबी भाषा में सुनाई खरी-खरी
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने मीटिंग के दौरान प्रेजेंटेशन फाइल में एक पेपर मिसिंग होने के चलते सभी कागज फाड़ डाले और पंजाबी भाषा में उन्होंने अपनी टीम को लताड़ते हुए बेकार (Useless) कह दिया. आमतौर पर करीब घंटेभर चलते वाली मीटिंग को उन्होंने महज कुछ मिनटों में ही खत्म कर दी. कर्मचारियों के हवाले से इसमें कहा गया है कि कंपनी में अब काम करने का ऐसा महौल नहीं रह गया है, जैसा कि पहले 2013 में इसकी शुरुआत के समय हुआ करता था.
कर्मचारी से लगवाए फैक्ट्री के चक्कर!
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने बताया कि ओला को-फाउंडर भाविश अग्रवाल का बर्ताव लगातार बेरुखा होता जा रहा है. उनके भड़कने का जो नया मामला सामने आया है उसमें वो सिर्फ अपना गुस्सा जाहिर करते ही नहीं दिखे, बल्कि एक गलती के चलते एक कर्मचारी को बड़ी सजा भी दी. भाविश अग्रवाल ने कथित तौर पर एक कर्मचारी को कई एकड़ के बड़े इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर प्लांट के चारों ओर तीन चक्कर लगाने की सजा सुनाई. इस कर्मचारी की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने कंपनी के मेन गेट को खुला छोड़ दिया था.
2010 में की थी Ola की स्थापना
बता दें आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) के पूर्व छात्र भाविश अग्रवाल और अंकित भाटी ने मिलकर 2010 में ओला (Ola) की स्थापना की थी. कंपनी को एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट ( ANI Technologies Pvt) के रूप में शुरू किया गया था. पिछले महीने दिए गए एक इंटरव्यू में भाविश अग्रवाल ने कहा था कि उनके अंदर जुनून और भावनाएं बहुत अधिक थीं और वे एक आसान यात्रा पर नहीं थे. मैं अपने लिए या ओला के लिए एक आसान यात्रा चुनना भी नहीं चाहता. मेरा गुस्सा, मेरी हताशा पूरी तरह से मैं ही हूं.