
देशभर में लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर अभी हल्का-हल्का रूझान बनना शुरू ही हुआ है. इस बीच Ola Scooter और Okinawa Scooter में आग लगने की घटनाओं ने सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है. सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए DRDO से इन घटनाओं की जांच कराने को कहा है.
DRDO की CFEES करेगी जांच
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की Centre for Fire Explosive and Environment Safety (CFEES) इकाई पुणे में Ola Scooter और वेल्लोर में Okinawa Scooter में आग लगने की घटना की जांच करेगी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने CFEES को इस घटना के कारण के साथ-साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के बेहतर उपाय सुझाने के लिए भी कहा है.
इससे पहले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमानी ने बिजनेस टुडे टीवी से कहा था, ‘‘सरकार ने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर (Ola Electric Scooter) में लगी आग की जांच के आदेश दिए हैं. विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ इस घटना की जांच करके अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेंगे.’’
महाराष्ट्र के पुणे में धनोरी एरिया में शनिवार को Ola Scooter में अचानक आग लगने की घटना सामने आई थी. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. तब से लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से एक बहस छिड़ गई है.
सेफ्टी पर सरकार का जोर
सूत्रों ने ये जानकारी भी दी कि सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल की सेफ्टी को लेकर बहुत ज्यादा संजीदगी से ले रही है और इस घटना के कारण को जानने के लिए गहरी जांच-पड़ताल करने को कहा है.
इस बीच बेंगलुरू की ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि इस मामले में जांच शुरू की जा चुकी है. कंपनी इस जांच से जुड़े अपडेट एक-दो दिन में शेयर करेगी. कंपनी इस स्कूटर के ग्राहक के साथ भी संपर्क में है.
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