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Samsung की बैटरी टेक पर उठे सवाल! 1.8 लाख कारों में आग का खतरा, रिकॉल जारी

Cars Recall: साउथ कोरियन कंपनी Samsung जिन कार कंपनियों को बैटरी टेक्नोलॉजी (Battery Tech) सप्लाई करता है उनमें आग लगने का खतरा मंडरा रहा है. अब अलग-अलग कार कंपनियों ने अपने तकरीबन 1.8 लाख कारों को(Recall) वापस मंगवाया है.

Samsung Battery Tech Samsung Battery Tech
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

साउथ कोरियन टेक कंपनी सैमसंग दुनिया भर में अपने स्मार्टफोन और बैटरी टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर है. कंपनी न केवल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का निर्माण करती है बल्कि दुनिया के कई दिग्ग्ज वाहन निर्माताओं को बैटरी टेक्नोलॉजी भी सप्लाई करता है. ख़बर आई है कि, Samsung जिन कार कंपनियों को बैटरी टेक्नोलॉजी (Battery Tech) सप्लाई करता है उनमें आग लगने का खतरा मंडरा रहा है. अब अलग-अलग कार कंपनियों ने अपने तकरीबन 1.8 लाख कारों को (Recall) वापस मंगवाया है.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में, फोर्ड, स्टेलेंटिस और वोक्सवैगन सहित कई कंपनियों ने अपनी उन कारों को रिकॉल किया है, जिसमें सैमसंग बैटरी टेक का इस्तेमाल किया गया है. बताया जा रहा है कि, इस रिकॉल का मूल कारण सैमसंग की हाई वोल्टेज बैटरी तकनीक है, जिसने इन कंपोनेंट्स को सप्लाई किया है. कंपनी ने अब आगे आकर 1,80,196 कारों में संभावित आग के खतरे की ऐलान किया है.

ये कारें हुई हैं प्रभावित:

अमेरिका में NHTSA (नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार, इन बैटरी पैक में मौजूद सेपरेटर (Separators) को काफी नुकसान हुआ है. फोर्ड की जांच से पता चला है कि सैमसंग के हाई वोल्टेज सेल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के दौरान सेपरेटर लेयर में कुछ खामियां पाई गई हैं, जिसके चलते ये समस्या देखने को मिल रही है.

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इस रिकॉल में फोर्ड की कई कारें प्रभावित हुई हैं. जिसमें एस्केप मॉडल (2020-2024 के बीच निर्मित), लिंकन कॉर्सेयर (2021-2024 के बीच निर्मित) शामिल हैं. जहाँ तक फॉक्सवैगन कारों का सवाल है, VW और सैमसंग दोनों ने अभी तक इस मामले में कोई डिटेल्स शेयर नहीं किया है. बताया जा रहा है कि, फॉक्सवैगन के रिकॉल में 2022 में मैन्युफैक्चर्ड ऑडी ए 7 और 2022-2023 के बीच बनी हुई ऑडी क्यू 5 शामिल हैं.

दूसरी ओर फ्रेंच कार कंपनी स्टेलेंटिस की गाड़ियाँ इस रिकॉल से सबसे ज़्यादा प्रभावित होती दिख रही हैं. सैमसंग के अनुसार, 2020-2024 के बीच निर्मित जीप रैंगलर 4एक्सई और 2022-2024 के बीच निर्मित जीप ग्रैंड चेरोकी 4एक्सई की तकरीबन 1,50,096 यूनिट्स इस रिकॉल से प्रभावित हैं. ये दोनों ही गाड़ियाँ प्लग-इन हाइब्रिड पावरट्रेन तकनीक से लैस हैं.

अब इन कारों का क्या होगा...

सैमसंग का कहना है कि, अभी तक इस समस्या का कोई तत्काल समाधान नहीं है. हालाँकि, इस रिकॉल से प्रभावित फ़ोर्ड कारों में ‘स्टॉप सेफ़ली नाउ’ नाम से एक मैसेज पॉप-अप होगा. जो वाहन के सिस्टम द्वारा किसी समस्या का पता लगाने पर चालक को तत्काल सूचित करेगा. ताकि वो वाहन को रोक सकें. दूसरी ओर फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस के वाहनों के लिए अभी ऐसी कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है.

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