
Tata Acti.EV Architecture Explained: देश का ऑटो सेक्टर तेजी से इलेक्ट्रिफाइड हो रहा है. पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहनों के बिक्री के आंकड़े और नए वाहनों की आमद इस बात का गवाह है कि, देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है. चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन सेग्मेंट में तकरीबन 73% बाजार पर कब्जा जमाए हुए टाटा मोटर्स एक लीडर की भूमिका निभा रहा है और आज कंपनी ने EV सेग्मेंट में अत्याधुनिक तकनीक की एक और ईंट जोड़ दी है जो कंपनी के इलेक्ट्रिक फ्यूचर को लंबी दूरी तय करने में मदद करेगा.
टाटा मोटर्स ने इस साल की शुरुआत अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए किया है. कंपनी ने अपनी नेक्सॉन ईवी, टिगोर ईवी और टिएगो ईवी के बाद चौथे इलेक्ट्रिक वाहन के तौर पर Tata PUNCH EV को पेश करने का ऐलान किया है. इस नई एसयूवी की आधिकारिक बुकिंग भी शुरू कर दी गई है. जिसके ग्राहक कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप के माध्यम से बुक कर सकते हैं.
बहरहाल, बात करते हैं टाटा की नई तकनीक की, टाटा मोटर्स ने आज एक इवेंट के जरिए नए ऑर्किटेक्चर (Acti.EV) से पर्दा उठाया है. इस ऑर्किटेक्चर पर कंपनी की आने वाली फ्यूचर कारें बेस्ड होंगी. ये नया आर्किटेक्चर कई मायनो में बेहद ख़ास होगा और कंपनी ने इसे अलग-अलग लेयर से समझाने की कोशिश की है. आइये जानें इस आर्किटेक्चर में क्या ख़ास है-
नया Acti.EV आर्किटेक्चर मुख्य रूप से चार पिलर्स पर बेस्ड है, जिसमें परफार्मेंस, टेक्नोलॉजी, मॉड्यूलैरिटी और स्पेस इफिशियंसी प्रमुख हैं और ऐसे ही इसमें 4 लेयर्स भी दिए गए हैं.
लेयर 1- पावरट्रेन
Acti.EV आर्किटेक्चर एक ऑप्टिमाइज़्ड बैटरी पैक डिज़ाइन की सुविधा देता है, जिसमें एडवांस ग्लोबल स्टैंडर्ड पर परीक्षण किए गए सेल शामिल हैं - जिससे एनर्जी डेंसिटी में 10% सुधार होता है. इस बैटरी पैक को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि ये वाहन को सिंगल चार्ज में 300 किमी ~ 600 किमी तक कई रेंज विकल्प प्रदान करता है. ये वाहन पर निर्भर करेगा कि कंपनी इसे किस तरह से ट्यून करती है जो अलग-अलग रेंज प्रदान करेगी. सबसे कम आप 300 किमी के रेंज की उम्मीद तो कर ही सकते हैं.
ये आर्किटेक्चर वाहन को ऑल व्हील ड्राइव (AWD), रियल व्हील ड्राइव (RWD) और फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) सिस्टम से लैस करने की भी सुविधा देता है. कंपनी का कहना है कि, acti.ve आर्किटेक्चर पर बेस्ड इलेक्ट्रिक वाहन AC फास्ट चार्जिंग के लिए 7.2kW से 11kW ऑन बोर्ड चार्जर और 150kW तक DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है - जिससे केवल 10 मिनट में बैटरी इतनी चार्ज हो जाएगी कि आपको 100 किमी की रेंज मिलेगी.
लेयर 2- चेचिस
इस आर्किटेक्चर का दूसरा लेयर चेचिस है, जो कि वाहन को कई अलग-अलग बॉडी स्ट्रक्चर में तैयार करने की सुविधा देता है. यानी कि इसे आसानी से किसी भी बॉडी टाइप में कन्वर्ट किया जा सकता है. कंपनी यह भी कहती है कि, इस पर बेस्ड वाहन ग्लोबल NCAP और हाल ही में लॉन्च किए गए भारत NCAP के सभी मानकों को पूरा करते हैं और ये 5-स्टार रेटिंग के साथ आएंगे.
इसमें वाहन के भीतर ज्यादा से ज्यादा स्पेस की सुविधा मिलती है, बिना ट्रांसमिशन टनल के फ्लैट फ्लोर केबिन को ज्यादा स्पेसियश बनाता है. इसके ग्रेविटी का लोअर सेंटर चालक को आसान ड्राइविंग मोबिलिटी और हैंडलिंग में मदद करता है. कंपनी की योजना अगले 18 महीनों के भीतर 5 से ज्यादा मॉडल को पेश करने की है.
लेयर 3- इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर
Acti.EV एक फ्यूचर रेडी आर्किटेक्चर है, इसमें एडवांस कम्प्यूटिंग पावर है जो कि वाहन को एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के लेवल-2 तक अपडेट करने की सुविधा प्रदान करता है. ये एक स्केलेबल आर्किटेक्चर है जो ADAS L2+ क्षमताओं के लिए तैयार है - सुरक्षा और नेविगेशन कैपेबेलिटी के हाई स्टैंडर्ड को सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख खूब है.
इसमें 5G कनेक्टिविटी के साथ एडवांस नेटवर्क के अलावा व्हीकल टू लोड (V2L) और व्हीकल टू व्हीकल चार्जिंग (V2V) तकनीक की भी सुविधा मिलती है. हाल ही में कंपनी ने नेक्सॉन ईवी के फेलिफ्ट मॉडल को पेश किया था, उसमें भी व्हीकल टू व्हीकल चार्जिंग सुविधा दी थी. इससे एक इलेक्ट्रिक वाहन से दूसरे EV को चार्ज किया जा सकता है. इसके अलावा व्हीकल टू लोड तकनीक दूसरे इलेक्ट्र्रॉनिक डिवाइसेज को पावर देने की सुविधा देता है.
लेयर 4- क्लाउड आर्किटेक्चर
क्लाउड बेस्ड तकनीक इस समय दुनिया भर में ख़ासी ट्रेंड में है और इसका इस्तेमाल टाटा की इलेक्ट्रिक कारों में भी बखूबी देखने को मिलेगी. कंपनी का दावा है कि, ये तकनीक यूजर के ड्राइविंग एक्सपीरिएंस को पूरी तरह से बदल कर रख देगी. इसमें Arcade.ev के नाम से एक कार ऐप सूट मिलेगा, जो कि यूजर को सुपरियर कनेक्टिविटी के साथ ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स और एडवांस फीचर्स एक्सपीरिएंस करने की सुवधा देगा.