
प्रमुख कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने बुधवार को कहा कि वह महाराष्ट्र में करीब 20,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक सिटी में राज्य सरकार के उद्योग विभाग और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के बीच इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के निर्माण के लिए आज एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने छत्रपति संभाजी नगर में एक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. यहां पर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए कंपनी ने तकरीबन 20 हजार करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में टोयोटा किर्लोस्कर की परियोजना से न केवल मराठवाड़ा को लाभ होगा, बल्कि राज्य और पूरे भारत में मोटर वाहन मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में क्रांति आएगी.
बता दें कि, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का मुख्यालय कर्नाटक में है और पहले से ही बेंगलुरु के पास बिड़दी में कंपनी के दो प्लांट हैं. इन्हीं प्लांट में कंपनी अपनी मशहूर कारों टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा क्रिस्टा और हाइराइडर इत्यादि जैसे मॉडलों का प्रोडक्शन करती है. अकेले कर्नाटक में टोयोटा ने अपने सहयोगी कंपनियों सहित 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है और यहां पर तकरीबन 86,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है.
20 हजार लोगों को रोजगार:
उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में लिखा, "छत्रपति संभाजी नगर में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी द्वारा 20,000 करोड़ रुपये का निवेश ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में महाराष्ट्र को एक कदम आगे लेकर जाएगा. इस निवेश के साथ 8,000 प्रत्यक्ष और 12,000 अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा. इस ऐतिहासिक करार के लिए मराठवाड़ा को बधाई!"
बता दें कि, टोयोटा इस परियोजना से प्रति वर्ष 4 लाख कारों का प्रोडक्शन टार्गेट लेकर चल रहा है. अगले तीन सालों के भीतर यहां पर वाहनों का प्रोडक्शन शुरू किए जाने की उम्मीद है. कंपनी कर्नाटक में एक और नया प्लांट लगाने की योजना पर भी काम कर रहा है. संभव है कि वहां तीसरे प्लांट में 2026 तक वाहनों का निर्माण शुरू किया जा सकेगा.