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कार ड्राइविंग के दौरान ब्रेक फेल हो जाने के किस्से आपने कई बार पढ़े, सुने या देखे होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर चलती कार का ब्रेक क्यों फेल होता है या फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर आप किस तरह कार को रोक सकते हैं. कार के ब्रेक्स फेल होने से पहले कुछ संकेत देने लगते हैं, यदि आप इन संकेतों पर गौर करते हैं तो समय रहते किसी भी आपात स्थिति से बचा सकता है. तो आइये जानते हैं ऐसी स्थिति से आप कैसे निपट सकते हैं.
सबसे पहले कार ब्रेक फेल्योर से निपटने से पहले आपको कार ब्रेक्स के बारे में बेसिक जानकारी जरूर होनी चाहिए. किसी भी कार के चारों पहियों में ब्रेक सिस्टम लगा होता है, सामान्यत: दो तरह के ब्रेक्स होते हैं, ड्रम और डिस्क. ड्रम ब्रेक्स का चलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, ये ब्रेक्स ज्यादातर पुरानी गाड़ियों में लगे होते हैं. वहीं डिस्क ब्रेक तेज रफ्तार में भी संतुलित ब्रेकिंग के चलते काफी चलन में हैं. कई गाड़ियों में ड्रम और डिस्क दोनों ब्रेक लगे होते हैं. कार के आगे के पहियों में डिस्क ब्रेक और पिछले पहियों में ड्रम ब्रेक लगे हुए होते हैं. ज्यादातर बजट फ्रेंडली कारें डिस्क और ड्रम दोनों ब्रेक्स के साथ आते हैं.
घबराएं नहीं:
ब्रेक फेल होने की स्थिति में बिल्कुल न घबराएं. ऐसे वक्त में दिमाग को एकदम ठंडा रखें. इस दौरान अपनी गाड़ी को धीमे करने और रोकने के तरीकों पर ध्यान दें.
हैज़र्ड लाइट्स चालू करें:
यदि आप अपनी गाड़ी को नियंत्रित कर सकते हैं तो हैजर्ज लाइट्स को तुरंत ऑन कर दें. सड़क पर चल रहे अन्य लोगों को चेतावनी देने के लिए हॉर्न बजाते रहे हैं. हो सकता है, उन्हें इसका मतलब न समझ आए. हालांकि, हॉर्न की आवाज सुनकर वह आपको रास्ता दे सकते हैं.
ब्रेक पैडल को लगातार पंप करें:
कार में दो ब्रेकिंग सिस्टम होते हैं. एक आगे की तरफ और दूसरा पीछे. कार का ब्रेक पूरी तरह से तभी फेल होगा, जब ये दोनों सिस्टम काम करना बंद कर देंगे. यदि आगे या फिर पीछे दोनों में से कोई भी सिस्टम एक्टिव रहता है तो आप कार में आसानी से ब्रेक अप्लाई कर सकेंगे. इसलिए कार के ब्रेक्स को लगातार पंप करते रहें और वाहन के स्थिर होने तक ये प्रक्रिया जारी रखें.
धीरे-धीरे डाउनशिफ्ट करें:
इन तरीकों के अपनाने के बाद भी आपका ब्रेक पैडल काम नहीं करता तो कार को धीमा करने के लिए आप इंजन ब्रेक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक्सीलेरेटर पैडल को रिलीज करना होगा और गियर को नीचे लाना होगा. इस दौरान इंजन कार की गति को कम करने में मदद करेगा. ऐसे में आप वाहन को सड़क किनारे ले जा सकते हैं. अगर आप मैनुअल कार चला रहे हैं तो गियर नीचे कर ऐसा कर सकते हैं. वहीं, ऑटोमेटिक वाहन चला रहे हैं, तो थ्रॉटल पेडल को छोड़ दें और कार को निचले गियर में शिफ्ट कर दें. कुछ ऑटोमेटिक कारें आपको पैडल शिफ्टर्स के माध्यम से गियरबॉक्स को ओवरराइड करने की सुविधा भी देती हैं.
हैंड ब्रेक का उपयोग करें
अगर आप गियर नीचे करने के बाद भी गाड़ी को रोक नहीं पा रहे हैं तो दूसरा तरीका पार्किंग ब्रेक का उपयोग करें. अगले और पिछले ब्रेकिंग सिस्टम के अलावा आपकी गाड़ी में पार्किंग ब्रेक सिस्टम भी मौजूद होता है, जिसे हैंड ब्रेक भी कहते हैं. यह आपकी गाड़ी को धीमा करने का काम करता है. हालांकि, ध्यान रखें कि पार्किंग ब्रेक को हाई स्पीड में न लगाए. ऐसा करने पर आप भीषण हादसे का शिकार हो सकते हैं.
सड़क से हट जाएं:
अगर आपकी गाड़ी धीमी हो गई तो दूसरी प्राथमिकता है कि सुरक्षित तरीके से सड़क से हट जाएं. अगर आप कई लेन वाली सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं, तो अपने आस-पास ध्यान दें. टर्न सिग्नल का उपयोग करें. कार को सड़क के शोल्डर पर चलाएं और फिर 'न्यूट्रल' में शिफ्ट करें. जरूरत पड़ने पर आप कार को धीमा करने के लिए पार्किंग ब्रेक का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन सुनिश्चित करें कि वाहन धीमी गति से चल रहा हो. अंत में, हैज़र्ड लाइट्स को चालू करें और अन्य मोटर चालकों को सतर्क करने के लिए अपने हेडलाइट्स और हॉर्न का भी उपयोग करें.
इंजन को बंद न करें:
रुकने से पहले इंजन को बंद करने की गलती कभी न करें. सबसे पहले, इंजन को बंद करने से आप इंजन ब्रेकिंग खो देंगे. इसके अलावा पावर स्टीयरिंग भी खो देंगे, और स्टीयरिंग व्हील लॉक भी हो सकता है. इसलिए कार के रुकने से पहले तक आप इंजन को बंद न करें.
सहायता के लिए कॉल करें:
एक बार जब आपने कार को सड़क के किनारे सुरक्षित रूप से पार्क कर दिया, तो मदद के लिए कॉल करना है. अपनी कार के बगल में खड़े होने से बचें. किसी नजदीकी सर्विस सेंटर पर कॉल कर कर तुरंत मदद मांगे.
ब्रेक फेल होने से पहले मिलते हैं ये संकेत:
ब्रेक फेलियर जैसी खतरनाक स्थिति से बचने के लिए अपनी कार के ब्रेक की छोटी-छोटी समस्याओं की पहचान करना जरूरी है. जितनी जल्दी इन समस्याओं की पहचान करेंगे, उतनी ही जल्दी इन्हें ठीक करना आसान होगा. ब्रेकिंग सिस्टम में रोटर, डिस्क, कैलिपर जैसे कई कंपोनेंट होते हैं. इन कंपोनेंट पर ध्यान रखें.
स्क्रैच की आवाज: ब्रेक पैड खराब होने का ये सबसे खराब संकेत है. अगर आप ब्रेक पैड्स को नजरअंदाज करते हैं तो आगे चलकर भारी आर्थिक नुकसान भी झेल सकते हैं. ब्रेक पैड खराब होने की स्थिति में अलग तरह की स्क्रैच जैसी आवाज आती हैं.
ब्रेक पैडल/स्टीयरिंग व्हील का कांपना: यदि आपका ब्रेक पेडल या स्टीयरिंग व्हील हिल रहा है/रंबल कर रहा है, तो रोटर्स के साथ कोई दिक्कत हो सकती है. इसलिए, जब भी आपको लगे कि पैडल या स्टीयरिंग व्हील हिल रहा है, तो सर्विस सेंटर जाकर इसकी जांच करवा लें.
ब्रेक से जलने की गंध: यह ब्रेकिंग सिस्टम के साथ कई समस्याओं का संकेत हो सकता है.
ब्रेक मालफंक्शन लाइट: आपके डैशबोर्ड पर कई तरह के वॉर्निंग लाइट दिखते हैं. यहीं पर ब्रेक से संबंधित वार्निंग लाइट भी उपलब्ध होगी. जब भी ब्रेक की वार्निंग लाइट जल रही हो, इसे कभी भी अनदेखा न करें और अपनी कार को लेकर तत्काल सर्विस सेंटर पहुंचे
ब्रेक फेडिंग: यह ओवरहीटिंग के कारण होता है और इससे ब्रेक पूरी तरह से फेल भी हो सकता है.
ब्रेक फ्लुइड लीकेज: ब्रेक फ्लुइड सिस्टम में धीमी गति से रिसाव से ब्रेक फेल हो सकता है. इसलिए ऐसे लीकेज पर हमेशा ध्यान दें और सर्विस सेंटर पहुंचे.
क्या करें ताकि न बने ऐसी स्थिति:
अपनी गाड़ी को नियमित रुप से सर्विंस सेंटर पर ले जाएं. इससे आप ब्रेक से संबंधित समस्याओं से बच सकते हैं. सबसे जरूरी है कि ये ध्यान दें कि आपका ब्रेक कैसे लग रहा है. यदि ब्रेक पैडल दबाते समय ब्रेक 'स्पंजी' हो तो तुरंत किसी मैकेनिक को ब्रेक सिस्टम दिखाएं. यदि कार को रोकने के लिए बहुत अधिक प्रयास करना पड़ता है, तो भी ब्रेक सिस्टम की जांच कराएं. नियमित ब्रेक पैड को बदलना, ब्रेक पैड, ब्रेक फ्लुइड और रोटर्स का निरीक्षण करें. कार अच्छी स्थिति में रहे इसलिए, ये सब प्रकिया बेहद जरूरी है. इससे ब्रेक फेल जैसी कई समस्याओं से बचा जा सकता है.