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Ola Gigafactory: देश की सबसे बड़ी बैटरी सेल गीगाफैक्ट्री का कंस्ट्रक्शन शुरू, लगा पहला पिलर- Video

OLA की यह गिगाफैक्ट्री (Gigafactory) तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में बनकर तैयार हो रही है और इसमें प्रति वर्ष 10 गीगावाट-घंटे (GWh) बैटरी सेल का उत्पादन करने की क्षमता होगी. ओला के अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और लॉग9 मटेरियल भी बैटरी सेल निर्माण के लिए कमर कस रहे हैं.

Ola Gigafactory Ola Gigafactory
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2023,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST

ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के सह-संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल ने हाल ही में कंपनी के बैटरी सेल गीगाफैक्ट्री के निर्माण की घोषणा की थी. अब अग्रवाल ने इस फैक्ट्री के कंस्ट्रक्शन का एक वीडियो Twitter पर अपलोड किया है, जिसमें फैक्ट्री के पहले पिलर को इंस्टॉल किया जा रहा है. कंपनी का दावा है कि, एक बार पूरा हो जाने के बाद, यह देश की सबसे बड़ी बैटरी सेल निर्माण फैक्ट्री होगी और यहीं पर कंपनी अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हिलर का निर्माण करेगी. 

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OLA तेजी से भारतीय बाजार में मशहूर हो रहा है और अब यह देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी बन चुका है. बीते महीने कंपनी ने बाजार में 32 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री की है. जो कि किसी भी दूसरे कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा रहा. ओला इलेक्ट्रिक उन चुनिंदा निर्माताओं में शामिल है, जिन्हें सरकार की 80,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत प्रोत्साहन की पेशकश की गई है.

भाविश अग्रवाल ने ट्विटर पर अपने पोस्ट में लिखा कि,  ओला गीगाफैक्ट्री में अपना पहला पिलर लगाया गया. हमारी टीम भारत को वैश्विक ईवी हब और #endICEAge बनाने के लिए जो काम कर रही है, उसे लेकर बहुत गर्व और उत्साहित हूं !! ढेर सारी शुभकामनाएं मिलीं, धन्यवाद! रुकना नहीं, ठकना नहीं !! 

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OLA की यह गिगाफैक्ट्री (Gigafactory) तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में बनकर तैयार हो रही है और इसमें प्रति वर्ष 10 गीगावाट-घंटे (GWh) बैटरी सेल का उत्पादन करने की क्षमता होगी. ओला इलेक्ट्रिक के बैटरी सेल इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य बैटरी साल्यूशन के तौर पर भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे. 

ओला इलेक्ट्रिक के अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बेंगलुरु स्थित लॉग9 मटेरियल भी बैटरी सेल का स्थानीय उत्पादन शुरू करने के लिए कमर कस रहे हैं. एक बार जब घरेलू उत्पादन बड़े पैमाने पर पहुंच जाएगा, तो यह भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित करने और सेल आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने में मदद करेगा. 

मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैटरी सेल को दूसरे देशों से निर्यात किया जाता है, जिसका असर वाहनों की कीमत पर भी पड़ता है. सामान्य तौर पर किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की लागत में तकरीबन 40 से 50 प्रतिशत कॉस्टिंग केवल बैटरी ही होती है. ऐसे में भारत में ही बैटरी सेल के प्रोडक्शन से ये कॉस्ट काफी कम हो जाएगी और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के सस्ते होने की भी उम्मीद है. 


क्या होती है गीगा फैक्ट्री?

गीगा फैक्ट्री नाम को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है. आप फैक्ट्री को समझते हैं, ठीक है, तो चलिए Giga को समझ लेते हैं. गीगा शब्द माप की एक इकाई है, जो अरबों (Billions) का प्रतिनिधित्व करता है. हालांकि गीगा ग्रीक शब्द गिगास से आया है, जिसका अर्थ विशाल (Giant) होता है. तो इसका इस्तेमाल किसी माप इकाई के बजाय एक बड़े कारखाने के तौर पर भी किया जाता है. 

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इस शब्द का उल्लेख पहली बार 2013 में कुछ समय के लिए मर्क्यूरियल टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख, एलोन मस्क द्वारा किया गया था. जिसका इस्तेमाल उन्होनें अपनी कंपनी टेस्ला की कारों के प्रोडक्शन के लिए तैयार की जाने वाली बैटरी फैक्ट्री के लिए किया था. हालांकि गीगाफैक्ट्री क्या है, इसकी कोई सटीक डिक्शनरी या परिभाषा नहीं है, लेकिन इसे दो तरह से समझाया गया है, एक में कहा गया है कि गीगाफैक्ट्री (Gigafactory) एक ऐसे कारखाने का प्रतीक है जो बैटरी निर्माण प्रक्रिया में हजारों गीगावाट ऊर्जा का उत्पादन करने में सक्षम है. इस शब्द की दूसरी व्याख्या यह भी है कि एक गीगाफैक्ट्री आम तौर पर एक बड़े कारखाने की ओर इशारा करती है - जिसमें 'गीगा'  के बड़े पैमाने को दर्शाता है।

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