
Speed Limit On Indian Roads: जब आप अपनी कार या बाइक से घर से निकलते हैं तो उस वक्त आप यही सोच रहे होते हैं कि जितनी जल्दी हो सके मंजिल तक पहुंचा जाए. इस चक्कर में ज्यादातर लोग सेफ्टी को दरकिनार कर वाहन की रफ्तार भी बढ़ा देते हैं. लेकिन इस जल्दबाजी और लापरवाही के चलते लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ जाता है.
कई बार एक्सीडेंट के रूप में तो कई बार भारी चालान की सूरत में.
'स्पीड थ्रील्स बट किल्स' आपने एक्सप्रेस-वे या हाईवे पर यह लाइन लिखी हुई जरूर देखी होगी. ये पक्तियां आपको कार के एक्सलेटर पर दिए जाने वाले दबाव को कम करने की याद दिलाती हैं, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित हो सके. सड़कों पर वाहनों की रफ्तार को लेकर भी कुछ मानक और नियम तय किए गए हैं, जो कि अलग-अलग तरह की सड़कों और वाहनों के अनुसार भिन्न है. इन नियमों का उल्लंघन करने पर आपको भारी जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है. तो घर से गाड़ी निकालने से पहले इन नियमों को जानना बेहद जरूरी है- हम यहां पर ग्रॉफिक्स के जरिए अलग-अलग सेग्मेंट के वाहनों के अनुसार विभिन्न तरह के सड़कों पर वाहनों की तय रफ्तार के बारे में बता रहे हैं, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया और मालवाहक इत्यादि सभी शामिल हैं-
चालक सहित अधिकतम 9 सीट वाले वाहनों के लिए स्पीड लिमिट:
सड़कों पर वाहन की रफ्तार के लिए नियम:
सरकार देश में अलग-अलग सड़कों के लिए वाहनों की रफ्तार बढ़ाने पर विचार कर रही है. इस बारे में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसी साल एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, "सरकार वाहनों की गति सीमा के लिए नए नियमों को लागू करने तैयारी कर रही है क्योंकि भारत का नया राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेज गति को संभालने में सक्षम है."
हालांकि सरकार ने 6 अप्रैल, 2018 को देश के विभिन्न श्रेणियों की सड़कों पर किलोमीटर प्रति घंटे में मोटर वाहनों की अधिकतम गति तय करते हुए एक अधिसूचना जारी की थी. उस वक्त सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वाहनों की स्पीड लिमिट तय करने के नए नियमों के बारे में बताया था.
चालक सहित 10 या उससे ज्यादा सीट वाले वाहनों के लिए स्पीड लिमिट:
एक्सप्रेसवे: (एक्सेस कंट्रोल के साथ)
देश के एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले मोटर वाहन जिनमें ड्राइवर की सीट के अलावा अधिकतम 8 सीटें होती हैं उनके लिए अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है. ऐसे वाहनों को M1 श्रेणी में रखा गया है. वहीं M2 और M3 श्रेणी के वाहन जिनमें ड्राइवर के अलावा नौ या अधिक सीटें होती हैं उनके लिए स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है.
मालवाहक के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले N कैटेगरी के वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तय की गई है. इसके अलावा जिन एक्सप्रेस-वे पर मोटरसाइकिल की अनुमति है वहां पर दोपहिया वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तय की गई है. हालांकि दिल्ली-मुंबई जैसे एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, क्वाड्रिसाइकिल और तीन पहिया वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है.
दोपहिया वाहनों के लिए तय रफ्तार
4-लेन और उससे ज्यादा वाले हाइवे: (मीडियन स्ट्रिप्स/डिवाइडर वाली सड़कें)
आप अपनी कार (M1 श्रेणी के वाहन) को 4-लेन और उससे अधिक लेन वाले राजमार्गों पर मध्य पट्टियों और डिवाइडर वाले विभाजित कैरिजवे पर अधिकतम 100 किमी प्रति घंटे की गति से चला सकते हैं. वहीं M2 और M3 श्रेणी के वाहन जिनमें ड्राइवर के अलावा नौ या अधिक सीटें होती हैं उन्हें अधिकतम 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चलाने का नियम है.
N कैटेगरी यानी कि मालवाहकों के लिए स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रतिघंटा रखी गई है. इसके अलावा दोपहिया के लिए 80Kmph, क्वॉड्रिसाइकिल के लिए 60Kmph और तिपहिया वाहनों के लिए अधिकतम 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड तय की गई है.
तिपहिया वाहनों के लिए तय रफ्तार
नगर निगम सीमा के भीतर की सड़क:
नगर निगम सीमा के भीतर आने वाली सड़कों के लिए अलग नियम तय किए गए हैं. ऐसी सड़कों पर M1 श्रेणी के वाहन यानी जिसमें अधिकतम 8 सीटें होती हैं उनके लिए स्पीड लिमिट 70 Kmph तय की गई है. वहीं M2 और M3 श्रेणी जिनमें ड्राइवर के अलावा 9 या अधिक सीटें होती हैं उनके लिए 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड तय की गई है.
क्वाड्रिसाइकिल वाहनों के लिए स्पीड लिमिट
इसके अलावा N कैटेगरी में आने वाले मालवाहक और दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड 60 Kmph, वही क्वाड्रिसाइकिल और तिपहिया मोटर वाहन जैसे ऑटो इत्यादि के लिए मैक्सिमम स्पीड 50 किलोमीटर प्रतिघंटा है. इसके अलावा अन्य सभी सड़कों पर भी वही स्पीड लिमिट लागू होती है, जो कि नगर निगम वाली सड़कों के लिए तय किए गए हैं.
क्या होता है क्वाड्रिसाइकिल:
छोटे वाहनों की एक नई श्रेणी - क्वाड्रिसाइकिल, को भारत सरकार और विशेष रूप से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने साल 2018 में नए व्हीकल कैटेगरी के तौर पर अप्रूव किया था. एक क्वाड्रिसाइकिल 3.6 मीटर से अधिक लंबी नहीं हो सकती, इसका इंजन 800cc से छोटा होना चाहिए और इसका वजन 475 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए. वर्तमान में, भारत में केवल कुछ ऑटोमोबाइल कंपनियां ही क्वाड्रिसाइकिल बनाती हैं. सरकार द्वारा 2018 में वाहन पेश करने की अनुमति देने के बाद, बजाज ऑटो लिमिटेड इस सेगमेंट के तहत 'Bajaj Qute' को व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने वाला पहला ब्रांड था.
मालवाहक के लिए तय स्पीड
क्या एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन चला सकते हैं?
वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र कोडल प्रावधानों के चलते एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों की अनुमति नहीं है. देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) को हाल ही में शुरू किया गया है. यहां पर बाइक और स्कूटर समेत दोपहिया वाहन नहीं चला सकते हैं. वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी दोपहिया वाहनों का प्रवेश निषिद्ध है.
चूकिं एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार ज्यादा रहती है ऐसे में दोपहिया वाहनों को उसी स्पीड में चलाए जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. वहीं लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बिना हेलमेट के प्रवेश नहीं कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.