
बिहार की राजधानी पटना से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) का खाना पकाने के लिए लकड़ी कम पड़ गई तो रसोइये ने बच्चे के बैठने के लिए इस्तेमाल होने वाले बेंचों को ही जला दिया.
सोशल मीडिया पर छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन पकाते समय बेंच जलाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. ये वीडियो पटना जिले के बिहटा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है. वीडियो में रसोइया छात्रों के लिए खाना पकाने के लिए स्कूल की बेंचों को जलाते नजर आ रहे हैं.
रसोइये ने शिक्षिका पर लगाया आरोप
वहीं इस घटना को लेकर रसोइयों ने कहा कि उनके पास खाना पकाने के लिए लकड़ी नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षिका सविता कुमारी ने उन्हें बेंच का उपयोग करने के लिए कहा. एक रसोइये ने यह भी दावा किया कि शिक्षिका ने खुद ही वीडियो बनाया जो बाद में वायरल हो गया.
शिक्षिका ने प्रिंसिपल को दोषी ठहराया
हालांकि, सविता कुमारी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि रसोइया उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. उसने स्कूल के प्रिंसिपल को दोषी ठहराया और दावा किया कि उन्होंने बेंचों को जलाने का आदेश दिया था.
इन आरोप को खारिज करते हुए प्रिंसिपल प्रवीण कुमार रंजन ने कहा कि यह एक "मानवीय भूल" थी. उनके अनुसार, रसोइये पढ़े-लिखे नहीं थे और बहुत ठंड का दिन होने के कारण उन्होंने बेंचें जला दीं.
अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
प्रिंसिपल ने कहा कि शिक्षा विभाग के आदेश पर हमलोग मध्याह्न भोजन बनाने के लिए रसोई गैस का उपयोग करते हैं. उस दिन, रसोइयों ने बेंचों को जलाऊ लकड़ी के रूप में इस्तेमाल किया क्योंकि बाहर बहुत ठंड थी," घटना का संज्ञान लेते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी निवेश कुमार ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.