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उपचुनाव के नतीजे आने के बाद बिहार एनडीए में घमासान शुरू हो गया है. चिराग पासवान को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं. शिवहर से जेडीयू विधायक चेतन आनंद ने उन्हें अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. उनका कहना है कि वह चुनाव के बीच रैली के लिए भी नहीं गए. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि चिराग यह स्पष्ट करें कि वह एनडीए में हैं भी या नहीं.
आनंद मोहन के विधायक बेटे चेतन आनंद ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "मांझी जी द्वारा खाली एनडीए की सिर्फ एक सीट थी 'इमामगंज', जहां एनडीए की सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा फंसी थी. दीपा मांझी के सामने कोई जितेंद्र पासवान खड़े थे, और वह 37 हजार वोट ले आते हैं."
उन्होंने कहा, "यह बताता है कि या तो आप इसलिए नहीं गए कि आप वहां वोट ट्रांसफर नहीं करा सकते थे, या आप जीतन राम मांझी को उनके घर में उन्हें नीचा दिखाना चाहते थे, या फिर जनस्वराज से अंदर खाने आपकी कोई 'डील' थी."
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संसदीय चुनाव में शिवहर नहीं जाने पर भी घेरा
चेतना आनंद ने आगे कहा, "संसदीय चुनाव में आप तीन-तीन बार शिवहर का कार्यक्रम लगवाकर, हेलीपैड बनवाकर नहीं आते हैं. ऐसा कर आप क्या संदेश दे रहे थे. क्या हाजीपुर में राजपूतों ने आपको वोट नहीं किया? आप बार-बार बुलाने पर भी इमामगंज नहीं आते हैं, क्यों? क्या दीपा मांझी दलित नहीं हैं, या भविष्य में आपको मांझी वोट नहीं चाहिए."
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सच का सामना करने की दी सलाह
चेतन आनंद ने कहा, "मेरी सलाह है कि सच का सामना कीजिए. आप अपना स्टैंड क्लियर कीजिए. साथ में हैं भी और नहीं भी, ऐसा नहीं चलेगा." चेतन आनंद ने कहा, "याद रखें, कभी अटल जी के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार को बचाने के लिए मेरे पिता जी सामने आए थे और आज जरूरत पड़ी तो नीतीश जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को बचाने मैं सामने आया." चेतन आनंद ने कहा, "हम कोई सड़क छाप नहीं हैं. एक जिंदा कौम के नेता हैं. अमर्यादित भाषा और टिप्पणी कहीं महंगा सौदा न साबित हो?"