
बिहार के जमुई जिले के खैरा प्रखंड के जीत झिंगोई गांव में डायरिया के बढ़ते मरीजों की वजह से हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर ही इससे ग्रसित गांव के दो लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि दर्जनों लोग बीमार हैं. हालांकि, मरीजों की संख्या को बढ़ते देख स्थानीय स्वास्थ्य टीम भी एक्टिव हो गई है और गांव में जाकर लोगों की जांच कर रही है व दवाएं दे रही है.
चिकित्सकों को दिया गया ये निर्देश
डायरिया के प्रकोप से लोगों के बीमार होने की खबर पर सिविल सर्जन डॉ. कुमार महेंद्र प्रताप ने गांव का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ मेडिकल टीम भी मौजूद थी. जिसके बाद टीम ने बीमारी से ग्रसित मरीजों का इलाज किया. वहीं,गंभीर रूप से बीमार लोगों को एंबुलेंस से खैरा अस्पताल भेजवाया. जहां पर उनका इलाज किया जा रहा है.
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इसके अलावा कई का इलाज गांव में कैंप लगाकर भी किया जा रहा है. साथ ही टीम की तरफ से गांव के लोगों को डायरिया से बचाव का टिप्स भी दिया जा रहा है.
ग्रामीणों मुताबिक शुक्रवार को गांव के 50 वर्षीय बुचो मांझी की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उल्टी और दस्त होने के कारण उन्हें खैरा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें घर लाया गया लेकिन रविवार को फिर उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई.
बुचो मांझी के मौत की सूचना के बाद उसके रिश्तेदार मोकामा से उऩके गांव पहुंचे. इसी दौरान बुचो मांझी की 6 साल की पोती मधुली कुमारी की भी तबीयत खराब हो गई और उसकी भी मौत हो गई.
कैंप लगाकर किया जा रहा है लोगों का इलाज
इस बारे में जानकारी देते हुए जमुई के सिविल सर्जन डॉ. कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया कि गांव में डायरिया के मरीज निकले हैं. मेडिकल टीम भेजकर इलाज कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि मेडिकल कैंप लगाकर सभी का इलाज सुचारू रूप से किया जाए. वहीं, जिनकी तबीयत ज्यादा गंभीर है, उन्हें अस्पताल भेजकर इलाज करवाया जा रहा है. साथ ही लोगों को बचाव के टिप्स भी दिए जा रहे हैं.