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बिहार: सहरसा जिले में कोसी नदी ने मचाया तांड़व! पढ़ें बाढ़ के बाद बर्बादी की कहानी

सहरसा जिले के महिषी प्रखंड अंतर्गत आने वाला सरडीहा गांव एक ऐसा गांव है जहां पर कोसी का पानी काफी स्तर तक कम हो गया है और उसके बाद किस तरीके से कोसी नदी में बीते शुक्रवार और शनिवार को तांडव मचाया था उसकी तस्वीर देखने को मिल रही है. इस गांव के कई सड़क पूरी तरीके से ध्वस्त हो गए हैं और गांव में बना एक छोटा पुल भी जमीन डोज हो गया है.

बिहार में बाढ़ ने बर्बादी मचाई हुई है बिहार में बाढ़ ने बर्बादी मचाई हुई है
रोहित कुमार सिंह
  • सहरसा,
  • 02 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

बिहार की कोसी नदी में जिस तरीके से पिछले दिनों जल प्रलय देखने को मिला, उसके बाद बर्बादी की तस्वीर कई दिनों से देखने को मिल रही है. इसमें से सबसे महत्वपूर्ण सहरसा जिला है जहां पर कोसी नदी के पानी ने जबरदस्त तांडव मचाया है. सहरसा जिले के कई इलाके पूरी तरीके से जलमग्न हैं और जिन-जिन इलाकों में पानी कम होने लगा है, वहां पर बर्बादी की तस्वीर सामने देखने को मिल रही है.

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सहरसा जिले के महिषी प्रखंड अंतर्गत आने वाला सरडीहा गांव एक ऐसा गांव है जहां पर कोसी का पानी काफी स्तर तक कम हो गया है और उसके बाद किस तरीके से कोसी नदी में बीते शुक्रवार और शनिवार को तांडव मचाया था उसकी तस्वीर देखने को मिल रही है. इस गांव के कई सड़क पूरी तरीके से ध्वस्त हो गए हैं और गांव में बना एक छोटा पुल भी जमीन डोज हो गया है. इस गांव में कई झोपड़िया पूरी तरीके से ध्वस्त हो गई है और कई दुकानों में भी बाढ़ का पानी मलबा छोड़ गया है.

सड़क संपर्क ध्वस्त होने के बाद इस गांव के लोगों के लिए जबरदस्त मुसीबत हो गई है और लोगों को आने जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग टूटी सड़क पर उतरकर पानी में चलकर ही एक तरफ से दूसरी तरफ जाने को मजबूर है ताकि घर की जरूरी सामान बाजार से खरीद कर ला सके.

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इसी गांव में बच्चों के पढ़ाई के लिए एक कोचिंग सेंटर भी बना हुआ था जो बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गया है. इस कोचिंग सेंटर में रखा हुआ टेबल और बेंच पूरी तरीके से बर्बाद हो गया है और कोचिंग सेंटर के अंदर केवल गीली मिट्टी और मलबा भरा है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते शुक्रवार और शनिवार को इस गांव में पानी तकरीबन 6 फीट तक भर गया था इसके बाद गांव के लोगों को अपने घर से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर भागना पड़ा था. अब जब धीरे-धीरे गांव में पानी का स्तर कम हुआ है तो लोग अपने घरों को लौट रहे हैं और बर्बादी की तस्वीर देख रहे हैं.

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