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BPSC को लेकर छात्रों में उबाल, आज बिहार बंद का ऐलान... तेजस्वी ने प्रशांत किशोर पर लगाया आंदोलन हाईजैक करने का आरोप

पटना में बीपीएससी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. रविवार को वे गांधी मैदान से इस मकसद से निकले थे कि उनकी नीतीश कुमार सरकार से बातचीत होगी, लेकिन बीच में ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई. कैंडिडेट्स नहीं रुके और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे. आखिर में जब वे जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उनपर पानी की बौछारें कर दीं.

पटना में BPSC परीक्षा दोबारा कराने के लिए छात्रों ने प्रदर्शन किया पटना में BPSC परीक्षा दोबारा कराने के लिए छात्रों ने प्रदर्शन किया
रोहित कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 30 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:24 AM IST

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पटना में उबाल है. अभ्यर्थियों और आयोग के बीच अब लड़ाई आरपार की हो गई है. एक तरफ छात्र संगठन बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करवाने पर अड़े हैं तो वहीं बिहार लोकसेवा आयोग छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं है. पटना में बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग अड़े छात्रों की रविवार शाम पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई है. 

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छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर है. इस बीच AISA ने BPSC री-एग्जाम को लेकर आज 30 दिसंबर को बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है. सीपीआई ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है. 

तेजस्वी ने PK पर आंदोलन को हाईजैक करने का लगाया आरोप

पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रशांत किशोर पर जोरदार हमला किया औक आंदोलन को भटकाने और हाईजैक करने का आरोप लगाया. उन्होंने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि BPSC के मुद्दे पर मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र लिखा मगर कोई जवाब नहीं मिला. सरकार नौजवानों की भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. पूरी परीक्षा रद्द होनी चाहिए. सरकार और बीपीएससी दबाव में है. मेरा नैतिक समर्थन बीपीएससी अभ्यर्थियों को है.

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तेजस्वी ने कहा कि सर्दी में जिस तरीके से छात्रों पर लाठी चलाई गई है, उसे कलेजा दहल जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की पिटाई नीतीश कुमार के इशारे पर की गई. उन्होंने प्रशांत किशोर को घेरते हुए कहा कि कुछ लोगों ने इस आंदोलन को गुमराह करने की कोशिश की. सरकार और बीजेपी की B टीम को आंदोलन को बिगाड़ने के लिए आगे खड़ा किया गया. जब छात्रों की पिटाई हो रही थी तो जो लोग कह रहे थे कि हम सबसे आगे खड़े रहेंगे वह सबसे पहला भाग खड़े हुए. यह आंदोलन को खत्म करने की साजिश है.

उन्होंने कहा कि मैं छात्रों से अपील करना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज को बुलंद करें और किसी और के कहने पर उन्हें भटकना नहीं चाहिए. कुछ लोग इस आंदोलन को हाईजैक करना चाहते हैं (प्रशांत किशोर पर हमला). नीतीश कुमार होश में नहीं हैं.

सीएम आवास जाना चाहते थे छात्र

पटना में बीपीएससी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. रविवार को छात्र नीतीश कुमार को ज्ञापन देने के लिए सीएम आवास जाना चाह रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में रोक दिया. इसके बाद छात्रों और पुलिस की झड़प हो गई. इस प्रदर्शन में प्रशांत किशोर भी शामिल थे, जो पुलिस वालों से बहस करते नजर आए. प्रदर्शनकारी छात्र नहीं रुके और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे. आखिर में जब वे जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उनपर पानी की बौछारें कर दीं. इस दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया और फिर उन्हें जेपी गोलंबर से उन्हें हटा दिया गया है.

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पुलिस ने प्रशांत किशोर, उनकी पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती, शहर के शिक्षक रामान्शु मिश्रा और 600-700 अज्ञात लोगों सहित 21 लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने अधिकारियों द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद भी गांधी मैदान में छात्रों की सभा आयोजित की थी. पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने छात्रों को उकसाया.

मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा: एसपी 

पटना सेंट्रल SP स्वीटी सहरावत ने कहा, "लाठीचार्ज नहीं हुआ, उनसे(अभ्यर्थियों से) बार-बार यहां से हटने का अनुरोध किया गया... हमने उनसे कहा कि वे अपनी मांगें हमारे सामने रखें, हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अड़े रहे. अभ्यर्थियों द्वारा प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की की गई. अंत में हमें मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. उसमें भी हम बीच में आए और उन्हें हटाया, लेकिन तब भी वे नहीं हटे. छात्रों के प्रदर्शन की वजह से सड़क पर जाम लग गया था. यहां बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे. उनकी तरफ से कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आया. प्रशांत किशोर जो पूरे मार्च को लीड कर रहे थे, वे छात्रों को जेपी गोलंबर पर जाम करके निकल गए थे. छात्रों से हटने की अपील की गई, लेकिन वे नहीं माने और आखिरी में उनपर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया."

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अभ्यर्थियों पर पुलिस का जानलेवा लाठीचार्ज: संजय सिंह

बिहार में BPSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की. उन्होंने X पर पोस्ट लिखकर कहा- "BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस का जानलेवा लाठीचार्ज हुआ. कई दिनों से अनशन पर बैठे युवाओं के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया. यह सरकार की तानाशाही का उदाहरण है. नीतीश जी, आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. सरकार छात्रों की मांगों का समाधान करे. देश लाठी से नहीं, संवाद और संविधान से चलेगा."

अहंकार छोड़कर युवाओं की बात सुने सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस ने भी पुलिस कार्रवाई को क्रूर बताते हुए नीतीश सरकार की आलोचना की. कांग्रेस ने कहा, "पहले भीषण ठंड में युवाओं पर वॉटर कैनन चलवाया गया, और फिर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया. पुलिस ने ताबड़तोड़ तरीके से लाठियां बरसाईं और किसी को भी नहीं बख्शा." कांग्रेस ने आगे कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़कर युवाओं से बात करनी चाहिए और उनकी मांगें माननी चाहिए.

बिना अनुमति निकाला गया मार्च: पुलिस

जिलाधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, "प्रशासन की चेतावनी के बावजूद प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में एकत्र हुए थे, जिसमें कहा गया था कि वहां कोई भी प्रदर्शन अनधिकृत माना जाएगा. कुछ प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने हिरासत में लिया, जब उन्होंने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया तो प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और हल्का बल प्रयोग किया गया, क्योंकि उनमें से कुछ जेपी गोलंबर के पास सड़कों पर लेटकर यातायात को अवरुद्ध कर रहे थे. सरकार युवाओं की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रही है. मुख्य सचिव ने बीपीएससी उम्मीदवारों द्वारा अनुमोदित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार हैं लेकिन छात्र ऐसा नहीं करना चाहते." 

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पत्रकारों से बात करते हुए, एक बीपीएससी उम्मीदवार ने कहा, "हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि सरकार हमारे साथ ऐसा व्यवहार करेगी. हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं. हमारा उन लोगों से कोई लेना-देना नहीं है जो राजनीतिक लाभ के लिए हमारे आंदोलन का समर्थन करने के लिए यहां आ रहे हैं." 

लड़ाई लंबे समय तक चलेगी: प्रशांत किशोर

गांधी मैदान में अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "एक दिन नारे लगाने से कुछ नहीं होगा. बिहार में छात्रों का जीवन कई सालों से बर्बाद हो रहा है. यह लड़ाई लंबे समय तक चलानी होगी और इसे अंजाम तक पहुंचाना होगा." 

उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान दिल्ली में सालों तक डेरा डालकर बैठे थे, तभी कुछ हुआ. उन्होंने कहा, "बिहार में डोमिसाइल नीति में बदलाव, पेपर लीक और नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है, तो बिहार के छात्रों को एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी होगी."

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