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Bihar: भाई की मौत का सदमा बहन नहीं सह सकी, एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

मुंगेर जिले के सठबिग्घी गांव में भाई-बहन के अटूट प्रेम की मिसाल देखने को मिली. वासुदेव मंडल की मौत की खबर सुनते ही उनकी बहन जयमाला देवी ने भी दम तोड़ दिया. बेटी और दामाद ने अंतिम संस्कार से मुंह मोड़ लिया, जबकि वासुदेव मंडल ने अपनी सारी संपत्ति बेटी के नाम कर दी थी. ग्रामीणों के सहयोग से दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया.

भाई की मौत के बाद बहन ने भी तोड़ा दम भाई की मौत के बाद बहन ने भी तोड़ा दम
गोविंद कुमार
  • मुंगेर ,
  • 14 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

बिहार के मुंगेर जिले के शामपुर थाना क्षेत्र के सठबिग्घी गांव में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई. गांव के बुजुर्ग वासुदेव मंडल की मौत की खबर सुनते ही उनकी बहन जयमाला देवी भी सदमे में चल बसीं.

वासुदेव मंडल की कोई संतान नहीं थी. उनकी एकमात्र बेटी थी, जिसे उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति दे दी थी. लेकिन जब उनकी मृत्यु हुई, तो बेटी और दामाद ने अंतिम संस्कार का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और गांव छोड़कर चले गए.

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गुरुवार की सुबह वासुदेव मंडल का निधन हुआ. जैसे ही यह खबर उनकी बहन जयमाला देवी को मिली, वो दौड़कर भाई को देखने आईं. गंगा जल देते ही वो भी बेहोश होकर गिर पड़ीं और उनकी भी मौत हो गई.

भाई-बहन की मौत से गांव में मचा हड़कंप 

ग्रामीणों ने इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए भाई-बहन की शवयात्रा एक साथ निकाली और सुल्तानगंज गंगा घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया. वासुदेव मंडल को उनके भतीजे देवेंद्र मंडल और जयमाला देवी को उनके छोटे बेटे दिनेश मंडल ने मुखाग्नि दी.

मृतक के परिजन जितेंद्र मंडल ने बताया कि गुरुवार की सुबह वासुदेव मंडल की मौत हो गई इसके बाद दादा की बहन जो इसी गांव में रहती हैं जयमाला देवी उन्हें देखने के लिए आई और गंगा जल देने के बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया. मृतक वासुदेव मंडल को कोई पुत्र नहीं था और उनकी एकमात्र बेटी थी. जिसको उन्होंने मरने से पूर्व भी सारी संपत्ति उनके नाम कर दी थी लेकिन जब उनकी मौत हुई तो बेटी और दामाद खर्च होने के डर से यहां से भाग गए.

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मृत भाई को गंगा चल पिलाते ही बहन की मौत

इस घटना के बाद जहां भाई-बहन के प्रेम की मिसाल दी जा रही है, वहीं बेटी और दामाद के इस व्यवहार की पूरे गांव में निंदा हो रही है. ग्रामीणों ने ही आगे बढ़कर अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की. 

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